Monday, June 1, 2026
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अच्छी शारीरिक और मानसिक सेहत को पाने में मोबाइल सबसे बड़ी अड़चन: डॉ अनुपम अरोड़ा

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL HEALTH , at April 7, 2023 Tags: , , , ,

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में कॉलेज वाईआरसी एवं एनएसएस द्वारा वर्ल्ड हेल्थ डे के अवसर पर डेंटल हेल्थ कैंप और सेमीनार का आयोजन

अनुशासित और संयमित जीवन शैली है एड्स और टीबी से बचाव का सटीक तरीका: डॉ ललित वर्मा डिप्टी सीएमओ पानीपत

डेंटल हेल्थ कैंप में डॉ प्रशांत शर्मा ने की विद्यार्थियों के दांतों की नि:शुल्क जांच

BOL PANIPAT , 07 अप्रैल, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में कॉलेज वाईआरसी और एनएसएस के तत्वाधान में विश्वस्वास्थ्य दिवस के अवसर पर डेंटल हेल्थ कैंप और स्वास्थ्य लाभ हासिल करने के विभिन्न विषयों पर सेमीनार का आयोजन किया गया जिसमे बतौर मुख्य अतिथि एवं वक्ता डॉ ललित वर्मा डिप्टी सीएमओ पानीपत ने शिरकत की.अति विशिष्ट उपस्थिति मेंडॉ मनीष शर्मा एमडीएस और हरीश अरोड़ा एबट इंडिया के सीनियर डिवीज़न मैनेजर कार्यक्रम में मौजूद रहे. सिविल हॉस्पिटल पानीपत से अतुल एएचसी,डॉ मनीषा डीएएचओ ने‘अभिभावक अपने बच्चोंका ख्याल कैसे रखे,’ अंजू गौतम एएचसी ने‘मासिक धर्म के समय स्वच्छता कैसे रखे’, विनोद कुमार मानसिक रोग सामाजिक कार्यकर्ता ने ‘मानसिक स्वास्थ्य’ विषय पर अपने विचार एनएसएस और वाईआरसी कार्यकर्ताओं के साथ साझा किये. सेमिनार और कैंप में कॉलेज के लगभग 250 छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों ने हिस्सा लिया और अपने मन में व्याप्त सवालों के जवाब प्राप्त किये. माननीय मुख्य अतिथियों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, वाईआरसी प्रभारी एवं एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग, एनएसएस अधिकारी डॉ संतोष कुमारी और डॉ एसके वर्मा ने विवेकानंद डायरी भेंट करके किया. इस अवसर पर डॉ प्रशांत शर्मा ने उपस्थित विद्यार्थियों के दांतों की निशुल्क जांच की और उन्हें दांतों को स्वस्थ रखने के टिप्स दिए.इस अवसर पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमे बीकॉम तृतीय की ख़ुशी ने पहला, बीकॉम द्वितीय के सौरभ ने दूसरा और बीए तृतीय की प्रतिमा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया.

ज्ञात रहे कि विश्व स्वास्थ्य दिवस (वर्ल्ड हेल्थ डे) को मनाने का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और विश्व में फैल रही समस्याओं पर विचार विमर्श करना है.प्रत्येक वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम निर्धारित की जाती है और वर्ष 2023 का थीम ‘सभी के लिए स्वास्थ्य’ है. डब्ल्यूएचओ फैलते प्रदूषण, महामारी, कैंसर, हृदय रोगों और डायबिटीज जैसे गंभीर रोगों के बीच विश्व स्वास्थ्य दिवस पर लोगों को और इस ग्रह को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी कार्यों पर वैश्विक ध्यान केंद्रित करता आ रहा है.

डॉ ललित वर्मा डिप्टी सीएमओ पानीपत ने बताया कि आज भारत से हमें टीबी के रोग और एचआईवी को समाप्त करना होगा क्यूंकि ये रोग दुख का बड़ा कारण बनतेजा रहे है.हमारी लापरवाही के कारण ही एचआईवी और टीबी के रोग हो रहे है. बेशक भारत ने पोलियो मुक्त अभियान में सफलता पा ली है परन्तु हमारे सामने चुनौतियां अभी भी बरक़रार है.अब एड्स और टीबी से ग्रसित लोगों को सरकार पेंशन देने लगी है ताकि वे अच्छे इलाज से वंचित न रह सके.तपेदिक या टीबी आमतौर पर एमटीबी जीवाणु के कारण होता है और यह धीरे-धीरे बढ़ कर संक्रमण पैदा करता है. यह संक्रमण जीवन भर रह सकता है.आज दुनिया की लगभग एक चौथाई आबादी के टीबी बैक्टीरिया से संक्रमित होने का अनुमान है जबकि लोगों को इस बात की खबर तक नहीं है. उन्होंने कहा कि उपचार के साथ टीबी लगभग हमेशा के लिए ठीक हो सकता है. एंटीबायोटिक्स का एक कोर्स आमतौर पर 6 महीने तक लेने की आवश्यकता होती है. इसके इलाज में कई अलग-अलग एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग किया जाता है क्योंकि टीबी के कुछ रूप कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के प्रतिरोधी होते हैं. एचआईवी-एड्स पर बताते हुए उन्होनें कहा कि बहुत सी दवाओं से एड्स बीमारी को फैलने से रोका अवश्य जा सकता है और एचआईवी संक्रमित व्यक्ति लंबे समय तक जिंदा रह सकता है. फिर भी अनुशासित और संयमित जीवन शैली ही इस बीमारी से बचने का सबसे ठोस उपाय है. इस से एड्स और टीबी दोनों ही प्रकार के रोगों से हम बच सकते है.

डॉ मनीषा डीएएचओ पानीपत ने कहा कि अपने सामाजिक जीवन में हम जब कभी भी किसी समारोह इत्यादि में शामिल होता हैं तो हमें वहां पर शराब का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से कम उम्र के बच्चे हमें देखते है और फिर हमारा अनुसरण कर बहक जाते हैं. बच्चे भी सोचने लगते है कि जीवन छोटा है और हमें इसका खुल कर आनंद लेना चाहिए. फिर यह बच्चे बच्चे माता-पिता को स्कूल-कॉलेज जाने का बहाना कर गलत आदतों में पड़ जाते हैं. बड़ो को चाहिए कि वे बच्चों और युवाओं के आदर्श बने. माता-पिता की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस बात का ख़ास ध्यान रखे किउनका बच्चा कहाँ जा रहा है और क्या कर रहा है.कई बार बच्चे अपने जीवन आगे बढ़ना चाहते हैं और इसके लिए सोशल मीडिया की मदद लेना शुरू कर देते है. इस पर कुछ लोग गलत कमेंट करते हैं परन्तु यदि हमारी गतिविधियाँ सकारात्मक और रचनात्मक है तो हमें उनके गलत कमेंट से घबराना नहीं चाहिए और आगे बढ़ते रहना चाहिए.

अंजू गौतम एएचसी ने‘मासिक धर्म के समय स्वच्छता कैसे रखे’ विषय पर बोलते हुए कहा कि स्वास्थ्य के मामले में समाज में छात्र-छात्राएं एक दूसरे से बराबरी करने की कोशिश करते हैं. जबकि सत्य यह की हम सभी का शरीर और स्वास्थ्य अलग भी है और अद्वितीय है. ऐसा करने पर हम अपने स्वास्थ्य के साथ समझौता करते है.प्रत्येक मनुष्य में हार्मोन के परिवर्तन का समय अलग-अलग होता है. माता-पिता को यह बात समझनी चाहिए कि जब बच्चों की उम्र 14-15 वर्ष की हो जाए तो उन से खुल कर बात करे. मासिक धर्म पर लड़कियों को चिंता नहीं करनी चाहिए. कुछछात्राएंमासिक धर्म के आने पर ठीक से पढ़ और खेल नहीं पाते. उन्हें ऐसे समय में घबराना नहीं है क्योंकि यह एक स्वाभाविक और प्राकृतिक प्रक्रिया है.

विनोद कुमार मानसिक रोग सामाजिक कार्यकर्ता ने ‘मानसिक स्वास्थ्य’ विषय परबोलते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं को अतीत की काली परछाई और भविष्य की निरर्थक चिंता करने की बजाए वर्तमान में जीना चाहिए और आत्महत्या जैसे दुखद कदम नहीं उठाना चाहिए.उन्होंने छात्रों को उदाहरण देते हुए उनसे प्रश्न पूछे और बहुत ही अनौपचारिक एवं मित्रवत व्यवहार के साथ उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को जाना और उनका समाधान बताया.उन्होंने कहा कि तनाव और अवसाद में आये व्यक्ति से हमें बात करनी चाहिए और उसकी पीड़ा को जानकार उसमे सकारात्मक सोच जगानी चाहिए. अगर हमारे घर या ऑफिस में कोई कर्मचारी मानसिक तनाव से गुजर रहा है तो उसकी पारिवारिक या ऑफिस की वजह जानकर उससे मित्रवत होकर बात करनी चाहिए.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि जो जितना दिल खोल कर जीवन जियेगा उसका स्वास्थ्य भी उतना ही बढ़िया और मजबूत रहेगा. जीवन की चिंताएं छोड़ कर हमें तनाव मुक्त और खुशनुमा माहौल का निर्माण करना चाहिए परन्तु ऐसा करने में आजकल की सबसे बड़ी अड़चन मोबाइल फ़ोन बन गया है. मानसिक और शारीरिक बीमारियों की जड़ हमारा मोबाइल है. हमें चाहिए की हम इसका न्यायसंगत और ध्यानपूर्वक इस्तेमाल करें .एसडी पीजी कॉलेज ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर सेमिनार और डेंटल कैंप को आयोजित करके अपने सामाजिक बोध और दायित्व का निर्वाह किया है.

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