Friday, April 17, 2026
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बाढ़ के पानी से खराब हुई फसल की जल्द गिरदावरी करके 50 हजार रूपए प्रति एकड मुआवजा दे सरकार: राकेश चुघ

By LALIT SHARMA , in Politics , at July 22, 2023 Tags: , , , ,

-प्रभावित गांवों में अनेकों लोग बीमार, सभी गांवों में चैकअप कैंप लगाकर दवाईयां दे सरकार: सुखबीर मलिक
– आप के जिला अध्यक्ष राकेश चुघ और प्रदेश संयुक्त सचिव सुखबीर मलिक ने अपनी टीम के साथ किया प्रभावित गांवों का दौरा

BOL PANIPAT : सनौली/बापौली/पानीपत, 22 जुलाई। आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष राकेश चुघ और प्रदेश संयुक्त सचिव सुखबीर मलिक ने अपनी टीम के साथ शनिवार को यमुना का तटबंध टूटने से बाढ़ के पानी से प्रभावित गांव नवादा आर, नवादा पार, पत्थगरढ व राणा माजरा आदि का दौरा करके ग्रामीणों का हालचाल जाना। वहीं किसानों  ने बताया कि उनकी सब्जियों की फसल तो पूरी तरह से बर्बाद हो गई है और धान व  ईख की फसल को भी बहुत नुकसान पहुंचा  है लेकिन आज तक भी सरकार द्वारा खराब हुई फसल की कोई गिरदावरी तक नहीं करवाई गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ प्रभावित गांवों में लोगों को वायरल बुखार, एलर्जी, गला खराब और आखों की आई फ्लयू आदि बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार व प्रशासन की तरफ से उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। वहीं कई गांवों के ग्रामीणों का आरोप है कि यमुना का तटबंध टूटने में गांव पत्थगढ व तामशाबाद के सामने यूपी की तरफ गांव मंडावर व खुरगान आदि में यमुना में होने वाले रेत खनन का भी अहम योगदान रहा है। यूपी की तरफ यमुना में खनन करने वाले ठेकेदार के रेत से भरे ओवरलोड डंपर सिचाई विभाग के पानीपत के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते इसी तटबंध से होकर गुजरते थे। जबकि नियमानुसार रेत से भरे डंपर यमुना के तटबंध से होकर नहीं गुजर सकते है। वहीं ग्रामीणों ने हर वर्ष बाढ बचाव कार्य के लिये आने वाले करोड़ों रूपयों में भी घोलमाल करने के आरोप लगाये है। इस मौके पर आप के जिला अध्यक्ष राकेश चुघ ने ग्रामीणों से बातचीत करते हुए आश्वासन दिया कि आप का एक-एक कार्यकर्ता बाढ से प्रभावित गांवों के ग्रामीणों के साथ खड़ा है और आप की तरफ से हर संभव मदद की जाएगी। वहीं राकेश चुघ ने कहा बाढ के पानी से करीब एक दर्जन गांवों की हजारों एकड फसल
पानी में डूब गई थी। सब्जियों की फसल तो पूरी तरह से बर्बाद हो गई और ईख व धान की फसल को भी नुकसान हुआ है। राकेश चुघ ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि बाढ से प्रभावित गांवों की फसल खराब होने की तुरंत विशेष गिरदावरी करवाई जाये और जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उनको 50 हजार रूपए प्रति एकड मुआवजा दिया जाये। उन्होंने कहा कि यमुना के पानी से प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बडे स्तर पर चिकित्सा चैकअप कैंप लगाये जाये और ग्रामीणों को अच्छे डाक्टरों की टीम द्वारा दवाईयां दी जाये। राकेश चुघ ने कहा कि इन गांवों में रहने वाले बहुत से लोगों के तो हालात ऐसे है कि वे प्राईवेट डाक्टरों से महंगी दवाईयां नहीं खरीद सकते।
जबकि कुछ गरीब लोगों के हालात ऐसे भी है कि उनके पास खाने के लिये राशन भी नहीं है। वहीं राकेश चुघ ने कहा कि यमुना में खनन करने वाले यूपी के ठेकेदार के रेत से भरे ओवरलोड डंपर पानीपत की तरफ यमुना तटबंध पर किसकी मंजूरी से चलते थे और सरकार द्वारा इस सारे मामले की जांच करवाई जाये कि इसमें सिचाई विभाग के कौन-कौन से अधिकारियों की मिलीभगत है।  वहीं आप के प्रदेश संयुक्त सचिव सुखबीर मलिक ने कहा कि सरकार द्वारा बाढ से प्रभावित गांवों में सुविधाएं देने के सारे दावे यहां पर फेल साबित हो रहे है।
सरकार द्वारा आज तक भी किसानों की बर्बाद हुई फसल की गिरदावरी करवानी शुरू नहीं की गई है। बाढ से प्रभावित गांवों के खेतों में अभी भी बिजली के खंभे व ट्रांसफार्मर टूटे पड़े है और खेतों में अब तक भी लाईट नहीं आई है। किसी किसान ने अपनी खराब हुई फसल के स्थान पर किसी दूसरी फसल की बिजाई करनी है तो बिना बिजली व पानी के कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की बाढ के पानी से जमीन कटकर खराब हुई है, उनको भी मुआवजा मिलना चाहिये। आप के प्रदेश संयुक्त सचिव(एससी सैल) राजकुमार मुंडे ने कहा कि सरकार व प्रशासन द्वारा बाढ से बचाव को लेकर पहले ही कार्य करना चाहिये था लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

गांव नवादा आर से सनौली कलां जाने वाली सडक की जल्द करवाई जाये मरम्मत: ग्रामीण

 गांव नवादा के मौजूदा सरपंच जोगिंद्र बाल्मीकि, पूर्व सरपंच ताहिर, रामरतन एडवोकेट, अहसान, मुबारिक, तसवर, जगदीश, जयपाल, आजाद व जगबीर आदि ने बताया कि उनके गांव से सनौली कलां जाने वाली सडक अभी भी पुरानी खान के पास टूटी हुई है और गांव के बच्चों को स्कूल जाने में भी परेशानी होती है। जबकि गांव तामशाबाद से सनौली खुर्द जाने वाली सडक़ भी टूटी हुई है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बहुत से लोग बीमार है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज तक भी कोई चैकअप कैंप नही लगाया गया है। गांव के अनेकों लोगों के पास तो प्राईवेट डाक्टर से दवाईयां लेने के भी रूपए नहीं है। इसलिये सरकार से मांग है कि गांव में जल्द ही चैकअप कैंप लगाकर बीमार लोगों को दवाईयां दी जाये।

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