सीपीआई के कार्यकर्ताओं ने मणिपुर में शांति बहाली के लिए धरना लगाया
BOL PANIPAT :25 जुलाई , आज सीपीआई के कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय परिसर में स्थापित डाक्टर भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा के सामने मणिपुर में शांति बहाली के लिए धरना लगाया और महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन दिया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के देशव्यापी आहवान पर लगाए गए धरने में सीपीआई के राज्य सचिव दरियाव सिंह कश्यप, जिला सचिव पवन कुमार सैनी एडवोकेट , सेवा सिंह मलिक, बिजेन्द्र स्वामी, दुर्गा दास, भूपेन्द्र कश्यप, अशोक पंवार, जितेन्द्र सैनी, विदुर फोर एडवोकेट, महेन्द्र सिंह हंजरा , राहुल ज्वाहरा आदि ने भाग लिया।
इस अवसर पर कम्युनिस्ट नेताओं ने कहा कि मनीपुर -जो उत्तर पूर्व क्षेत्र में और म्यांमार की सीमा से लगता हुआ एक सामरिक महत्व का एवं संवेदनशील राज्य है – की स्थिति पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी गहरी चिंता व्यक्त करती है। मनीपुर मे 3 मई से जारी जातीय हिंसा में 150 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, एक हजार से ज्यादा लोग जख्मी हो चुके हैं और 70 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। पुलिस कस्टडी से छीन कर महिलाओं को नंगा घुमाया गया और कई महिलाओं के साथ गैंगरेप के बाद हत्या करने के दुखदायक समाचार हैं। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा की राज्य सरकार कानून व्यवस्था को संभालने में नाकारा साबित हुई है और मान्यवर प्रधानमंत्री जी चुप्पी साधे हुए हैं और सुलग रहे मनीपुर में शांति बहाली के लिए कोई ठोस हस्तक्षेप नही कर रहे।
महामहिम राष्ट्रपति जी के नाम दिये मांगपत्र में मुख्यतः दो महिने से ज्यादा समय से चल रहे जातीय दंगों को दबाने में नाकामयाब मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने, पुलिस कस्टडी से छीन कर महिलाओं को नंगा घुमाने, बलात्कार करने वाले आरोपियों को सख्त सजा देने, गैर कानूनी हथियारों को जब्त करके हथियार रखने वालो को तुरंत गिरफ्तार करने, म्यांमार से घुसपैठ बंद करने के लिए सख्त कदम उठाने, आरक्षित वन भूमि पर अफीम की खेती बंद करने, अडा़नी समूह को खनन व व्याणिजिक कार्यकलाप के लिए 56 हजार एकड़ जमीन देने के फैसले को रद्द करने, दंगा प्रभावित लोगों को उनके नुकसान के अनुसार सहायता राशि देने, उनके लिए स्पैशल राहत एवं पुनर्वास की व्यवस्था करने, आवश्यक वस्तुओं और दवाओं के अबाध आवागमन के लिए मनीपुर के तमाम राजमार्गों को खोलने और मनीपर में दंगाग्रस्त क्षेत्र का दौरा करने के कारण मनीपुर सरकार द्वारा एन एफ आई डब्ल्यू की राष्ट्रीय महासचिव एवं सीपीआई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य कामरेड ऐनी राजा, सचिव निशा सिद्धु एवं अन्य पर बनाए हास्यास्पद एवं मनगढंत मामले रद्द करने की मांग को गई ।

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