Friday, July 17, 2026
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बाढ से प्रभावित गांवों की बर्बाद हुई फसल की तुरंत गिरदावरी करवाकर 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दे सरकार: राकेश चुद्य

By LALIT SHARMA , in Politics , at July 31, 2023 Tags: , , , , ,

-सरकार ने जल्द ही बाढ से बर्बाद हुई फसल की गिरदावरी नहीं करवाई तो स्थानीय किसानों के साथ सडक पर उतरेगी आप
-बाढ से प्रभावित गांवों में चिकित्सा चैकअप कैंप लगाकर ग्रामीणों को फ्री दवाईयों दे सरकार: राकेश चुघ

BOL PANIPAT ,31 जुलाई। आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष राकेश चुघ ने कहा कि गांव नवादा पार व पत्थरगढ के बीच 11 जुलाई को यमुना का तटबंध और गांव नवादा आर के पास रिंग बांध टूटने से करीब एक दर्जन गांवों की हजारों एकड फसल पानी में डूब गई थी, जिससे किसानें की सब्जियों  की फसल तो लगातार कई दिनों तक पानी भरा रहने से खराब हो गई। जबकि धान, ईख व चारे की फसल को भी बाढ के पानी से नुकसान हुआ है लेकिन सरकार व प्रशासन ने आज तक भी भी किसानों की खराब हुई फसल की विशेष गिरदावरी नहीं करवाई गई और जब अब तक गिरदावरी ही नहीं करवाई गई है  तो किसानों को मुआवजा कैसे मिल पाएगा। वहीं राकेश चुघ ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि यमुना का तटबंध टूटने से किसानों की खराब हुई फसल की जल्द से जल्द गिरदावरी करवाई जाये और जिन किसानों की फसल बाढ के पानी से खराब हुई है, उनको 50 हजार रूपए मुआवजा दिया जाये। आप के जिला अध्यक्ष राकेश चुघ सोमवार को सनौली रोड स्थित आप कार्यालय में मीडिया से बात कर रहे थे। राकेश चुघ ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम के साथ रविवार को बाढ से प्रभावित गांवों का दौरा किया था और
किसानों ने बताया है  कि उनकी यमुना के पानी से बर्बाद हुई  फसल की अभी तक भी गिरदावरी नहीं की गई। राकेश चुद्य ने सरकार व प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही बाढ से प्रभावित गांवों की खराब हुई फसल की गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा नहीं दिया तो आप
कार्यकर्ता प्रभावित गांवों के किसानों के साथ मिलकर सडकों पर उतरेंगे। चुघ ने कहा कि प्रभावित गांवों में अनेकों लोग बीमार है और प्रशासन को चाहिये कि उन गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बडे स्तर पर चैकअप कैंप लगाये जाये और ग्रामीणों को सभी बीमारियों की फ्री दवाईयां दी जानी चाहिये। वहीं आप के प्रदेश संयुक्त  सचिव सुखबीर मलिक ने आरोप लगाया कि भाजपा का किसान विरोधी चेहरा जनता के सामने आ चुका है। भाजपा सरकार किसानों की आय तो दोगुणा नहीं कर पाई और अब बाढ से प्रभावित गांव के जिन किसानों की फसल खराब हुई है, सरकार व प्रशासन द्वारा कोई सुध नहीं ली जा रही है। जबकि यमुना के आसपास के गांवों में किसानों के अलावा हजारों की संख्या में मजदूर भी रहते है और फसल खराब होने से उनको खेतों में मजदूरी भी नहीं मिल पा रही है।

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