पानीपत पुलिस का साइबर क्राइम जागरूकता अभियान लगातार जारी.
-सोशल मीडिया पर अजनबी की फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें
-सिविल अस्पताल परिसर में आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जानकारी देकर जागरूक किया
BOL PANIPAT : 17 अक्तूबर 2023, हरियाणा पुलिस द्वारा आमजन को साइबर क्राइम से बचाने व जागरूक करने के लिए अक्तूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। पानीपत पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में जिला पुलिस की टीमें प्रतिदिन अलग अलग स्थान पर लोगों को साइबर क्राइम व इससे बचाव की जानकारी देकर जागरूक कर रही है। इसी क्रम में थाना साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने मंगलवार को सिविल अस्पताल परिसर में आमजन को साइबर क्राइम इसके बचाव व हेल्प लाइन नंबर 1930 की विस्तार से जानकारी दी।
साइबर विशेषज्ञय पी/एसआई अजय ने बताया कि आज के इस तकनीकी दौर में मनुष्य ज्यादातर मोबाइल फोन, लैपटॉप व कंप्यूटर आदि पर निर्भर है और यह डिवाइस इंटरनेट से जुड़ा हैं। इनके माध्यम से मनुष्य का जीवन काफी आसान हो गया है। इनके माध्यम से मनुष्य अपने रोजमर्रा के कार्य जैसे बैंक से संबंधित, ऑनलाइन ऑफिस कार्य, नेट बैंकिंग, सोशल मीडिया आदि पर अपना कारोबार आदि कार्य घर बैठे ही बड़ी आसानी से कर लेता है। जिसके कारण व्यक्ति कई बार इंटरनेट पर गलती कर बैठता हैं। साइबर अपराधी इसी गलती के इंतजार में बैठे रहते हैं। मौका मिलते ही साइबर अपराधी बड़े ही शातिर तरिके से लोगों को मानसिक व आर्थिक तौर पर भारी क्षति पहुंचा देते हैं। उन्होंने बताया कि हमें इंटरनेट पर अपने कार्य करने के दौरान या इंटरनेट का उपयोग करते समय बड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। हमें अपने सोशल मीडिया खातों पर एक मजबूत पासवर्ड लगाकर खातों को सुरक्षित रखना चाहिए। सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से संपर्क नहीं करना चाहिए। किसी अंजान लिंक पर क्लिक करके उसे ओपन नहीं करना चाहिए। किसी अनजान नम्बर से आने वाली फोन कॉल, वीडियो कॉल का उत्तर नहीं देना चाहिए और ना ही किसी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट मंजूर करनी चाहिए। जब कोई व्यक्ति अपने आप को बैंक का अधिकारी या प्रतिनिधि बताकर आपसे आपकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे बैंक खाता नम्बर, क्रेडिट / डेबिट कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट, सीवीवी नंबर, ओटीपी, आधार कार्ड नंबर व पैन कार्ड नंबर आदि मांगता है, तो उस व्यक्ति के साथ उक्त जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इस प्रकार हम छोटी-छोटी सावधानियां बरत कर अपने आप को साइबर अपराधियों से बचाकर रख सकते हैं और अपने आप को होने वाली मानसिक व आर्थिक हानि से बचा सकते हैं।
तमाम सावधानियों के बाद भी अगर आपके साथ किसी भी प्रकार का साइबर अपराध हो जाता है तो बिना किसी देरी के साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर ट्रांजेक्शन फ्रीज करवाए या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in, पर तुरंत प्रभाव से शिकायत दे और वित्तीय हानि से बचे।

Comments