मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना जरूरतमंद के लिए जीवन की रोशनी: अतिरिक्त उपायुक्त
-अतिरिक्त उपायुक्त ने दिए बैंकर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश
-लम्बित कार्य पर और ध्यान देने की जरूरत
BOL PANIPAT , 20 अक्तूबर। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत गरीबों को ऋण उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए हैं जो कमजोर स्थिति में हैं। सरकार ऐसे लोगों को विभिन्न बैंकों से ऋण मुहैया कराती हैं ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
यह बात अतिरिक्त उपायुक्त वीना हुड्डा ने शुक्रवार को जिला सचिवालय के द्वितीय तल पर स्थित सभागार में जिला के बैंकरों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए कही। उन्होंने बैंकर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वे जिले में ऋण वितरण संबंधी लम्बित कार्य पर और ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बैंकर्स से कहा कि ऋण धारकों के कितने केस रिजैक्ट हुए हैं व कितने स्वीकृत हुए हैं इसकी जानकारी बारे आगामी सप्ताह अपनी स्थिति करें।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बैंकर्स को निर्देश दिए कि कार्य में पारदर्शिता होनी चाहिए व इस बात का विशेष ध्यान रहे कि कार्य में किसी भी प्रकार का विलम्ब न हो। किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार संंबंधी शिकायत पर तुरंत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बैंकर्स से यह भी जानकारी हासिल की कि जिन उपभोक्ताओं के ऋण स्वीकृत हो चुके हैं परंतु बाटे नहीं गए इसके पीछे क्या कारण रहा है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बैठक में विभिन्न बैंकों से आए प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत स्वीकृत ऋण के वितरण के बारे में जानकारी ली व देरी होने के कारणों के बारे में भी पूछा। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना से संबंधित जिन उभोक्ताओं को ऋण उपलब्ध कराया गया है चाहे वह किसी भी फेज का हो उसकी सूचना तुरंत पोर्टल पर अपलोड करें।
बैठक में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी अवंतिका थरेजा ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा प्रदेश के विकास को लेकर संचालित की जा रही मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत दिए जा रहे ऋण को संबंधित बैंकों को समय पर इसका वितरण करना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें। उनके द्वारा समय अवधि में किया गया कार्य किसी जरूरतमंद के लिए मददगार साबित हो सकता है। बैठक में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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