कामरेड ब्लादिमीर इल्यिच लेनिन की 100 वीं पुण्यतिथि के अवसर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
BOL PANIPAT : 21 जनवरी, आज स्थानीय भगत सिंह स्मारक में कम्युनिस्ट नेता कामरेड ब्लादिमीर इल्यिच लेनिन की 100 वीं पुण्यतिथि के अवसर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता प्रवीण जिन्दल ने की और संचालन सीपीआई के जिला सचिव कामरेड पवन कुमार सैनी एडवोकेट ने किया। सीपीआई के राज्य सचिव कामरेड दरियाव सिंह कश्यप एवं पार्टी की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य कामरेड राम रतन एडवोकेट ने कामरेड वी आई लेनिन के जीवन, संघर्ष एवं विचारधारा पर विस्तार से चर्चा की। कम्युनिस्ट नेताओं ने कहा कि कामरेड लेनिन ने महान अक्तुबर समाजवादी क्रांति का नेतृत्व किया और सत्ता सम्भालने के बाद सोवियत संघ ( रुस) में कार्ल मार्क्स द्वारा सुझाए रास्ते पर चलते हुए समाजवादी व्यवस्था कायम की।
वक्ताओं ने कहा कि समाजवादी रास्ते पर चलते हुए सोवियत संघ एक दशक के अन्दर ही ना केवल महंगाई, बेरोजगारी, असमानता, अशिक्षा, गरीबी, बीमारी पर अंकुश लगाया गया बल्कि सभी नागरिकों को रोटी, रोजगार, मकान, शिक्षा व स्वास्थ्य की गारंटी दे दी गई और खेती को सहकारिता के दायरे में लाकर कृषि का बेहतरीन विकास किया। वक्ताओं ने कहा कि समाजवादी रास्ते पर चलते हुए सोवियत संघ ने अपने देश के विकास के साथ साथ दुनिया भर में चल रहे आजादी के आंदोलनों का सार्थक समर्थन दिया और नये आजाद हुए देशों को विकास के रास्ते पर चलने के लिए आर्थिक एवं तकनीकी सहायता देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। वक्ताओं ने कहा कि हमारे देश के आजादी के आंदोलन और आजाद भारत के विकास में भी सोवियत संघ की सहायता को हमेशा याद रखा जाएगा। कम्युनिस्ट नेताओं ने कहा वर्तमान भाजपा सरकार हमारे देश के विकास की धरोहरों , सार्वजनिक क्षेत्र, सरकारी महकमों, सम्पत्तियों को कारपोरेट घरानों को सोंप रही है। देश के संविधान एवं लोकतंत्र को खत्म करके तानाशाहीपूर्ण व्यवहार कर रही है। हमें सरकार की देश विरोधी, जनविरोधी एवं कारपोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ जनता को जागरुक करने के लिए जनता के बीच जाना होगा, कामरेड लेनिन को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सभा में दुर्गा दास, ओम प्रकाश यादव, भूपेन्द्र कश्यप, सन्नोवर राणा, जितेश कुमार, सुशील कुमार, जमशेद मलिक, जुनेद राणा, नत्थु प्रसाद यादव आदि शामिल रहे और कामरेड लेनिन अमर रहे, कामरेड लेनिन को लाल सलाम ,समाजवाद जिन्दाबाद आदि नारे लगाते हुए लेनिन के चित्र पर माल्यार्पण किया गया और पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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