“समझ सुर और वाद्य की” विषय पर दो दिवसीय संगीत कार्यशाला का आयोजन किया।
BOL PANIPAT : आई.बी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संगीत गायन-वादन विभाग द्वारा दो दिवसीय संगीत कार्यशाला का आयोजन करवाया गया | इस कार्यशाला का विषय “समझ सुर और वाद्य की” रहा | इस कार्यशाला में वक्ता के रूप में डॉ. अमिता शर्मा पी. जी. जी. सी. जी, चंडीगढ़ से (ऑनलाइन माध्यम से) और डॉ. तरुण जोशी संगीत गायन और नृत्य विभाग कुरुक्षेत्र से आमंत्रित रहे | इस कार्यशालाके दौरान सितार वादिका डॉ. अमिता शर्मा द्वारा अलंकारों को विभिन्न लयकारियोंमें कैसे अभ्यास किया जाए इस विषय पर बच्चों का ज्ञानवर्धन किया | इसके साथ ही उन्होंने मिजराब के विभिन्न बोलों व झालावादन के अभ्यास के बारे में बताया | अंतमें बच्चो की संगीत के प्रति रुचि की सराहना की और भविष्य में संगीत को विषय वकरियर के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया | इसके साथ ही दुसरे वक्ता डॉ.तरुण जोशी ने गायन से सम्बंधित अभ्यास की तकनीक के ऊपर विस्तृत जानकारी दी |उन्होंने स्वरों के अलग-अलग रूप तथा उनके अभ्यास से सम्बंधित बारीकियों को बताया |इसके साथ ही उन्होंने सुबह दोपहर और शाम के अभ्यास की महत्वत्ता पर बच्चों काज्ञानवर्धन किया | तबले पर संगत के रूप में श्री अमन कुमार जी उपस्थित रहे | अंतमें डॉ. तरुण जोशी द्वारा ग़ज़ल गायन “आजजाने की जिद न करो” के साथ कार्यशाला का समापन किया | इसी के साथ इस कार्याशालामें लगभग 70 से अधिक विद्यार्थियों ने भागलिया | इस मौके पर कॉलेज प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग जी ने संगीत विषय को भविष्य के लिए एक नई रोशनी का रूप बताया और कहा कि संगीत सामाजिक जीवन का अभिन्न अंग है |संगीत वादन विभाग से कार्यशाला की संयोजिका डॉ. भगवंत कौर और संगीत गायन विभाग से डॉ.मोनिका वर्मा ने आमंत्रित वक्ता का स्वागत किया | मंच का संचालन प्रो विशाल के द्वारा किया गया | कार्यशाला के दौरान प्राध्यापक डॉ. नीलम, डॉ. स्वाति पुनिया व प्रो. ललित मौजूद रहे | अंत में डॉ. भगवंत कौर द्वारा आये वक्ता का धन्यवाद किया गया |

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