प्रशिक्षण शिविर में स्वीप/ टूल और टेक्रोलॉजी की भूमिका पर विस्तार से किया मंथन
-लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का विश्वास बड़ी रखता अहमियत
-नये वोटर जोडऩे को लेकर गांव स्तर पर व एनजीओ का लेना होगा सहयोग
-वोट प्रतिशत बढ़ाने को लेकर और प्रयास करने होंगे
BOL PANIPAT , 29 फरवरी। लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का विश्वास बड़ी अहमियत रखता है। हमें चुनाव के दौरान हर वोटर को लोकतंत्र की महत्त्वता के बारे में जागरूक करना हैं और वोट के प्रतिशत को बढ़ाना है। हर व्यक्ति को वोट के प्रति जागरूक करना होगा । ऐसे बहुत ही चुनाव संबंधित बिंदुओं को लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा गुरूवार को जिला सचिवालय में मॉस्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण दिया गया। सभी खंडों के खंड शिक्षा अधिकारियोंं को डाईट के प्रिंसीपल बिजेंद्र व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोकश बूरा ने प्रशिक्षित किया। चुनाव में स्वीप के माध्यम से टूल और टेक्रोलाजी की क्या भूमिका होती है पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सबसे पहले हमें वोटर का विश्वास जीतना होगा। इसके लिए जागरूकता कैप लगाने होंगे। स्वीप की क्या जरूरत है के बारे में बताया। कम वोट क्यों पड़ते हैं इनको कैसे बढ़ाया जा सकता है। वोट बनाने का तरीका क्या है व किस उम्र तक के युवा वोट बनवा सकते हैं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चुनाव में जिला स्तर पर एक नोडल आफिसर कि नियुक्ति की जाती है। एक योजना बद्ध तरीके से कार्य करके ही हम आम व्यक्ति को वोट बनवाने व डालने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। वोट के प्रतिशत को बढने को लेकर मोबाईल वैन, गांव स्तर पर पंजीकरण की सुविधा, सामाजिक संस्थाओं , महिला क्ल्बों, लायंस व रोटरी कल्ब का सहयोग लेना होगा। खास तौर पर युवाओं को वोट का महत्त्व बता कर इसके लिए प्रेरित करना होगा।
उन्होंने बताया कि इस कार्य में मीडिया, दृश्य, श्रवय साधनों का भी सहयोग लेना होगा। स्टॉर प्रचारकों, आईकोन की भी सहायता लेनी होगी। वोटिंग के दिन सेलफी प्वाइंट की भी बुथ स्तर पर व्यवस्था करके वोट के प्रतिशत को बढ़ाया जा सकता है। सभी बुथों को साफ सुथरा रखने के अलावा तमाम सुविधाओं की उपलब्धता को भी सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने पिछली चुनाव के अनुभवों को भी सभी मास्टर ट्रेनर के साथ सांझा किया। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र हुड्डा, नीलम कुंडु, सुनीता कादियान व भीम सिंह आदि मौजूद रहे।

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