आज के दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं ,व्यावहारिक कौशल, और उद्यमशील सोच विकसित करना भी आवश्यक : सुभाष चंद्र जागलान
केवल डिग्री नहीं, कौशल और आत्मविश्वास भी जरूरी : उद्यमिता से जुड़े विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
उद्यमशील सोच और तकनीकी दक्षता से विद्यार्थी बनेंगे रोजगार दाता
महाविद्यालय में उद्यमिता एवं कौशल विकास पर सेमिनार, विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र
बदलते दौर में सॉफ्ट स्किल्स और तकनीकी दक्षता सफलता की कुंजी
BOL PANIPAT , 5 सितंबर। देशबंधु गुप्ता राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को विद्यार्थियों को उद्यमिता, सॉफ्ट स्किल्स एवं तकनीकी कौशल के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुभाष चंद्र जागलान के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल, तकनीकी दक्षता और उद्यमशील सोच विकसित करना भी आवश्यक है।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की भावना विकसित करने तथा उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए आवश्यक सॉफ्ट एवं तकनीकी कौशल से परिचित करवाना रहा।
कार्यक्रम में द लाइन स्टोरी आर्किटेक्ट’ कंपनी के फाउंडर एवं को-फाउंडर
मुकेश चावला एवं राशि गर्ग मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को उद्यमिता की अवधारणा, व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक तैयारियों तथा व्यवसाय के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने तथा रोजगार तलाशने के साथ-साथ रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में मेधा लर्निंग फाउंडेशन की ओर से छवि एवं मेधा ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय में सॉफ्ट स्किल्स एवं टेक्निकल स्किल्स के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि कम्युनिकेशन स्किल, प्रेजेंटेशन एबिलिटी, आत्मविश्वास, टीमवर्क और समस्या-समाधान जैसे कौशल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं करियर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कई अन्य वक्ताओं ने विद्यार्थियों को बदलते तकनीकी परिवेश के अनुरूप स्वयं को तैयार करने तथा अपने कौशल को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों के लिए प्रोफेशनल स्किल्स के साथ तकनीकी दक्षता भी जरूरी है, ताकि वे रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसरों का लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में डॉ. श्रीराम शर्मा, कविता जैन, दिव्या, विकास यादव, दलबीर देसवाल,सुधीर पुजारा
सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की आयोजक योगिता गुलाटी रहीं, जबकि मंच संचालन वंदना शर्मा ने किया।

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