बिल्डर्स के सीवेज ट्रीटमेन्ट सिस्टम फेल. बिना ट्रीट किये सीवेज से फैला रहे प्रदूषण.
– NGT की बड़ी कार्यवाही : अंसल एपीआई सुशांत सिटी पर 1.79 व TDI फरीदपुर पर 5.47 करोड़ जुर्माना।
BOL PANIPAT : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पानीपत जिले के दो बड़े बिल्डर कंपनियों पर बड़ी कार्यवाही की है। एनजीटी ने शहर के हुड्डा के सेक्टर 13-17 में बसी असंल एपीआई सुशांत सिटी और टोल प्लाजा के पास फरीदपुर में बसी TDI सिटी पर बड़ा जुर्माना लगाया है। दोनों पर सीवेज के पानी को बिना ट्रीट किये छोड़ने की वजह से पर्यावरण प्रदूषण फ़ैलाने पर कुल 7 करोड़ 26 लाख का जुर्माना लगाया है। पर्यावरण प्रेमी समाजसेवी वरूण गुलाटी की शिकायत पर दोनों बिल्डरों के खिलाफ चली जांच और उनकी रिपोर्ट्स के आधार पर यह कार्यवाही की गई है। जांच कमेटी में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), हरियाणा स्टेट प्रदूषण कंट्रोल (HSPCB), जिले के एडीसी, RO और HSVP के AEO शामिल थे। जांच में दोनों बिल्डरों की बड़ी खामियों को पकड़ा गया और प्रदूषण फ़ैलाने के कारण कड़ा जुर्माना लगाया गया । संयुक्त टीम ने दोनों जगहों से होने वाले भूमि एवं जल प्रदूषण की जांच की थी। दोनों जगहों पर सीवेज के पानी की निकासी के लिए पूर्णत: सीवरेज सुविधा नहीं पायी गयी । जांच में पाया गया कि दोनों बिल्डर अवैध तरीकों से बिना ट्रीट किये गंदे पानी का निस्तारण कर रहे है।

जांच कमेटी टीम ने 12 अप्रैल 2024 और फिर 19 अप्रैल 2024 को पहले अंसल एपीआई सुशांत सिटी का जायजा लिया था। यहां का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) खराब/बंद मिला। एसटीपी को लगाने के लिए जरुरी प्रमाणपत्र भी नहीं लिए गए सिर्फ दिखावे के लिए एसटीपी प्लांट लगाया गया। कंपनी ने कंसेंट टू ऑपरेट का प्रमाणपत्र भी रिन्यू नहीं कराया। कंसेंट टू इस्टेबलिश का प्रमाणपत्र भी नहीं मिला। यहां दो फेस है। जिसमें पहले फेस का एसटीपी बंद मिला।जबकि फेस टू का एसटीपी चालू हालत में था, जिसका सैंपल भी लिया गया था। जांच के दौरान दोनों फेस में सीवेज फ्लो मीटर नहीं था। न ही लॉग बुक मेनटेन थी। जिसके बाद सवाल उठा था कि अंसल एपीआई से प्रतिदिन निकलने वाला 10600 केएलडी सॉलिड वेस्ट कहां जा रहा है। इतने पानी को कहां छोड़ा जा रहा है, जबकि अंसल एपीआई का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बंद पड़ा है। जिसके बाद जांच में सामने आया कि यहां के सीवरेज का कनेक्शन गैर कानूनी तरीके से एचएसवीपी की मास्टर सीवर लाइन में 1 अप्रैल 2019 से जोड़ा हुआ है।
टीडीआई का CTEP(Central Treatment Export Plant) 9 साल पहले हो चुका एक्सपायर

नेशनल हाईवे 44 पर जीटी रोड पर टोल प्लाजा के नजदीक बसी टीडीआई फरीदपुर का विवादों से शुरुआत से ही नाता रहा है। इस बार यहां टीम की जांच में सामने आया कि टीडीआई में पिछले काफी सालों से कई सोसाइटी एवं कॉलोनियां कटी है। यहां लगातार आवासियों की संख्या बढ़ती जा रही है। लेकिन, यहां शुरुआती दौर में सीवरेज की जो क्षमता अप्लाई की थी, अथवा दर्शाई गई थी। आज भी संख्या बढ़ने के बाद भी उसी क्षमता से सीवरेज को चलाया जा रहा है। इसके अलावा यहां अवैध तरीकों से ट्रॉलियों और टैंकरों के जरिए भर कर कहीं खुले में सीवरेज का पानी एवं गंद भर कर खाली किया जाता है। जांच में यह भी सामने आया कि यहां CETP(Central Treatment Export Plant) 25 सितंबर 2015 से एक्सपायर हो चुका है। यहां CTO (Consent to operate) भी नहीं है यानी एक्सपायर हो चुके सेंट्रल ट्रीटमेंट एक्सपोर्ट प्लांट को बिना विभागीय अनुमति के इंसटाल करके चलाया जा रहा था । 550 KLD का सीवरेज सिस्टम है, जो कि नाकाफी है। यहां STP(सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) डाटा भी नहीं मिला। जनरेटर सिस्टम की भी जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई।

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