जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पानीपत ने एमडीडी ऑफ़ इंडिया के सहयोग से एक वर्कशॉप का आयोजन किया।
BOL PANIPAT : 27 नवंबर–हरियाणा विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पानीपत ने एमडीडी ऑफ़ इंडिया के सहयोग से एक वर्कशॉप का आयोजन किया। वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य सभी पैनल अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स को नालसा और हालसा द्वारा चलाये जा रहे सभी कैंपेनस के बारे में जागरूप करवाना तथा एमडीडी ऑफ़ इंडिया द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के बारे में अवगत करवाना था।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मीनू मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रही।
उन्होंने नालसा द्वारा चलाये गए हेल्पलाइन नंबर 15100 के उपयोग के बारे में कहा कि कैसे यह हेल्पलाइन नंबर आम लोगों को घर बैठे बैठे उनके कानूनी अधिकारों के तहत सहायता करेगा। उन्होंने बताया की किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की कोई भी कानूनी मदद चहिये हो वह इस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकता हैं और अपनी समस्या के समाधान हेतु घर बैठे जानकारी प्राप्त कर सकता हैं। उन्होंने सभी पैनल अधिवक्ताओं को नालसा पोर्टल के बारे में भी जागरूप किया और उन्हें बताया कि कैसे वो लीगल ऐड केसेस की प्रोसीडीइंग को पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। मिस मीनू ने सभी उपस्थित लोगों को नालसा द्वारा चलायी जा रही चाइल्ड फ्रेंडली यूनिट और पर्सन्स विथ मेन्टल इलनेस और पर्सन्स विथ इंटेलेक्चुअल डीसेबलड़ यूनिट के बारे में जागरूप किया और सभी पैनल अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स को इन यूनिट्स की समाज में भूमिका के बारे में बताया तथा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलवाई। एमडीडी ऑफ इंडिया से डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर संजय कुमार रिसोर्स पर्सन ने बताया कि आज भारत सरकार द्वारा बाल विवाह मुक्त अभियान को दिल्ली विज्ञान भवन से शुरू किया गया है।
संजय कुमार द्वारा बाल विवाह निरोधक अधिनियम 2006 और अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक स्वयंसेवी संस्था की पीआईएल पर दिए गए निर्णयों के बारे में विस्तार से बताया। बाल अधिकार भी मौलिक अधिकारों का ही एक महत्वपूर्ण अवयव है और हम सभी को बाल अधिकारों की सुपालना सुनिश्चित करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 21 के जीवनसाथी के चुनाव के अधिकार पर बात करते हुए कहा कि हर नागरिक को अपनी मर्जी से अपना जीवनसाथी चुनने का अधिकार है लेकिन बाल विवाह लड़कियों के इस अधिकार पर कुठाराघात है। प्रोहिबिशन ऑफ चाइल्ड मैरिज एक्ट 2006 कानून की विभिन्न धाराओं के बारे में जानकारी देते हुए एमडीडी ऑफ इंडिया द्वारा पानीपत में किया जा रहे कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी और बताया कि किस तरह से एमडीडी ऑफ इंडिया सीडब्ल्यूसी, (चाइल्ड वेलफेयर कमिटी) डीएलएसए डिस्ट्रिक्ट लीगल अथॉरिटी, श्रम विभाग, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और अन्य विभागों से तालमेल कर बच्चों के हित में किस तरह से जमीनी स्तर पर काम करता है। वह बच्चों पर हो रहे अपराधों चाइल्ड मैरिज के केसों को आईडेंटिफाई कर बाल संरक्षण अधिकारी रजनी गुप्ता के माध्यम से रूकवाता व उनकी काउंसलिंग करता है। सामाजिक तौर पर भी अवेयरनेस कैंप समय-समय पर लगाते हुए स्कूलों गांव में भी जमीनी सत्र पर काम किया जा रहा है। इस मौके पर एम डी डी ऑफ इंडिया की संपूर्ण पानीपत टीम मौजूद रही।

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