भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक सभा का आयोजन किया गया।
BOL PANIPAT : 26 दिसम्बर, स्थानीय भगत सिंह स्मारक , पानीपत के प्रांगण में भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर वरिष्ठ गगनभेदी नारे लगाते हुए कम्यूनिस्ट नेताओं ने भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी का झंडा फहराया तथा शहीद उद्यम सिंह उर्फ राम मोहम्मद सिंह आजाद के जन्म दिवस समारोह के अवसर पर शहीद उद्यम सिंह व राजगुरु, सुखदेव, भगत सिंह की प्रतिमाओं पर फूल मालाएं व पुष्पांजलि अर्पित करने के पश्चात् स्वतंत्रता सेनानी कामरेड टीका राम सखुन सभागार में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता कामरेड दरियाव सिंह कश्यप ने की और सीपीआई की हरियाणा राज्य कार्यकारिणी के सदस्य व जिला सचिव कामरेड पवन कुमार सैनी एडवोकेट ने सभा का संचालन किया।
सभा को सीपीआई के राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला सह सचिव राम रतन सैनी एडवोकेट ने विस्तार से भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी व शहीद उद्यम सिंह उर्फ राम मोहम्मद सिंह आजाद के गौरवशाली इतिहास पर चर्चा की तथा राज्य सचिव कामरेड दरियाव सिंह कश्यप सहित अन्य नेताओं ने भी विस्तार से सभा को सम्बोधित किया।
वक्ताओं में मुख्य रूप से अनिल रजिमवाले व प्रोफेसर रामेश्वर दास ने विस्तार से बताया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना 26 दिसम्बर 1925 को कानपुर में सम्पन्न एक राष्ट्रीय सम्मेलन में हुई थी। उस समय सीपीआई ने दो लक्ष्य सामने रखे एक, देश को अंग्रेजी साम्राज्यवाद से आजाद कराना और दूसरा, आजाद भारत में रोजगार, रोटी, कपड़ा, मकान, सभी को समान शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और चिकित्सा उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था कायम करना। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने देश को आजाद कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और आजाद होने के बाद देश के विकास में सीपीआई के योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कम्युनिस्ट नेताओं ने कहा कि भाकपा ने संसद के अंदर और संसद के बाहर मजदूरों, किसानों, कर्मचारियों , छात्रों, युवकों, महिलाओं, दलितो ,पिछड़ों सहित समाज के दबे – कुचले तबके के विकास के लिए आवाज़ बुलन्द की ओर उनके लिए अनेक योजनाएं, कानून बनवाने में योगदान दिया। सभा में डाक्टर रमाकांत, गोविंद सैनी सी ए , भुपेंद्र कश्यप,भानू प्रताप सिंह, सतीश यादव, सत्येन्द्र गिरी एडवोकेट, नरेंद्र बल्हारा एडवोकेट, अश्विनी बक्शी एडवोकेट, जसविंदर कौर एडवोकेट, हरभजन सिंह संधू एडवोकेट, प्रोफेसर रामेश्वर दास, डाक्टर नीलम संधू, लक्ष्मण सिंह शेखावत आदि सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया

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