पाइट में नेशनल एफडीपी. रिसर्च और पेटेंट से होगा विकास.
-एआइसीटीई ने की पहल, देशभर से शिक्षा विशेषज्ञ पहुंचे
BOL PANIPAT : समालखा : नवीनतम टेक्नॉलोजी से कैसे दुनिया में सुखद बदलाव हो सकते हैं, इसकी चर्चा और आगे की राह कैसे निकलेगी, इसी पर राष्ट्रस्तरीय छह दिवसीय मंथन का शुभारंभ हुआ है। पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियिरंग एंड टेक्नॉलोजी (पाइट) में एआइसीटीई ट्रेनिंग और लर्निंग (एटीएएल) अकादमी ने फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) की पहल की है।
एफडीपी के पहले दिन आर्टिफिशल टेक्नॉलोजी यानी एआइ पर बात हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि एआइ की वजह से रोजगार के अवसरों को बढ़ाया जाता है। अब हमें स्किल पर और अधिक काम करना होगा। भारत को अगर विकसित होना है तो ज्यादा से ज्यादा रिसर्च और पेटेंट पर काम करना है। स्मार्ट एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी: प्रिंसिपल्स एंड एप्लीकेशन्स इन इंडस्ट्री 4.0 विषय पर आयोजित एफडीपी में पााइट के निदेशक डॉ. शक्ति कुमार, समन्वयक डॉ. सुनील ढुल, डॉ. अंजू गांधी, एफडीपी संयोजक डॉ. स्तुति मेहला, डॉ. उपासना लखीना, डॉ. विनोद कुमारी, डॉ. आशीष, डॉ. रंजन और वीरेंद्र उपनेजा उपस्थित रहे। पहले दिन थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (टीआइईटी), पटियाला, पंजाब के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनीत श्रीवास्तव और सहायक प्रोफेसर डॉ. सतीश शर्मा ने बतौर विशेषज्ञ अपनी बात रखी। डॉ. सतीश शर्मा ने तकनीकी सत्र का संचालन किया। वहीं, डॉ. विनीत श्रीवास्तव ने पॉलिमर प्रिंटिंग के लिए एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी पर चर्चा की। डॉ.अंजू गांधी ने बताया कि एफडीपी के लिए 80 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए, जिनमें से 50 ने भाग लिया है।

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