Friday, July 17, 2026
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बापौली और सनोली खंड में बाल विवाह अधिनियम 2006 पर ट्रेनिंग का आयोजन।

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at January 29, 2025 Tags: , , , , ,

-सभी सरपंचों और ग्राम सचिवों को अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी देकर उनको बाल विवाह की रोकथाम करने और किसी भी बाल विवाह में शामिल न होने की शपथ दिलाई गई।
-बाल विवाह के खिलाफ, मैरिज रजिस्टर और ग्राम स्तरीय बाल अधिकार सुरक्षा कमेटी का गठन को हर मीटिंग में एजेंडा बनाकर काम करें पंचायत – शक्ति सिंह खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बापौली एवं सनोली

BOL PANIPAT : पानीपत के बापौली और सनोली के खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय में एम डी डी आफ इंडिया के जिला समन्वयक संजय कुमार और सामुदायिक कार्यकर्ता पायल द्वारा बाल विवाह मुक्त जिला बनाने को लेकर ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अक्तूबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए एक निर्णय के दिशानिर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और एमडीडी ऑफ इंडिया द्वारा बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है ताकि पानीपत जिले को बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके।
उपस्थित सरपंचों और ग्राम सचिवों को विस्तार से बाल‌ विवाह के दुष्परिणामों तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में बताया गया।
जिला समन्वयक संजय कुमार ने बताया कि कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है या उसको बढ़ावा देता है या उसमें सहायता करता है तो 112 नम्बर व‌ 181नम्बर पर फोन करके सुचित करें। बाल‌ विवाह करवाने वाले को 1 साल की सजा व 2 लाख जुर्माना भी लग सकता है या दोनों भी हो सकते हैं। बाल विवाह रूपी बुराई को जड़ से खत्म करना जरूरी है , तभी लड़कियों के सपने साकार होंगै। बाल विवाह होने से लड़कियों का बचपन भी उनसे छिन जाता तथा जल्द शादी से लड़किया शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर हो जाती है,ऐसे में बाल विवाह के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है; तभी लड़कियां अपने बचपन को अपने इच्छा अनुसार जी पाएगी। इस मुहिम में सरपंचों, ग्राम पंचायत सदस्यों और सचिवों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वे अपने गांवों में लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करें और उन्हें सरकार की योजनाओं के बारे में बताकर उनका लाभ दिलाएं ताकि बाल विवाह को खत्म किया जा सके।
एम डी डी ऑफ इंडिया की सामुदायिक कार्यकर्ता पायल ने कहा कि एम डी डी ऑफ इंडिया पिछले कई वर्षों से बालाधिकारों को लेकर कार्यरत है और “न्याय तक पहुंच” कार्यक्रम के अंतर्गत बाल विवाह, बाल दुर्व्यवहार व बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए हुए है।
सभी ने एक स्वर से शपथ ली कि वे किसी भी ऐसी शादी में शामिल नहीं होंगे जिसमें वर या वधु की उम्र कम हो और ऐसी शादियां रोकने का हर संभव प्रयास करेंगे ताकि बच्चों के भविष्य को बचाया जा सके।
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी शक्ति सिंह ने कहा कि एमडीडी ऑफ इंडिया की यह मुहिम बेहद सराहनीय है क्योंकि बाल विवाह लड़कियों की खिलाफ एक सामाजिक अपराध है और उनके मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। हमें मिलकर इस कुरीति को जड़ से खत्म करना होगा। उन्होंने सभी सरपंचों और सचिवों को बाल विवाह के खिलाफ मैरिज रजिस्टर को नियमित करने और ग्राम स्तरीय बाल अधिकार सुरक्षा कमेटी का गठन करने को हर ग्राम परिषद की मीटिंग में एजेंडा बनाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा सनोली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भी शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ जागरूकता शिविर का आयोजन कर उन्हें बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई।
‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान 200 से भी ज्यादा गैरसरकारी संगठनों का गठबंधन है जो 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए पूरे देश में काम कर रहे हैं। ये सभी सहयोगी संगठन इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक समग्र रणनीति ‘पिकेट’ पर अमल कर रहे हैं जिसमें नीति, संस्थान, संम्मिलन, ज्ञान, परिवेश, तकनीक जैसी चीजें शामिल हैं। धार्मिक नेताओं और समुदायों के साथ साझा प्रयासों से इसने इस अपराध के खात्मे के लिए 4.90 करोड़ लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है।

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