एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में विश्व कला दिवस के अवसर पर ‘कला और जीवन’ विषय पर दो दिवसीय कला प्रदर्शनी और कार्यशाला का शानदार समापन
–कार्यशाला के दूसरे दिन कैलीग्राफ़ी कार्यशाला का आयोजन
–विभिन्न संकायों के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सीखा कैलीग्राफ़ी का हुनर
–खूबसूरत लिखावट व्यक्ति के व्यक्तित्व और चरित्र का आईना है: सुमित, कैलीग्राफ़ी एक्सपर्ट (पंजाब)
–ग्राफिक डिज़ाइन, ब्रांडिंग, इवेंट इंडस्ट्री और डेकोर आइटम्स में कैलीग्राफ़ी रोजगार की भरपूर संभावनाएं देती है: सुमित, कैलीग्राफ़ी एक्सपर्ट (पंजाब)
BOL PANIPAT , 16 अप्रैल. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में ‘कला और जीवन’ विषय पर दो दिवसीय कला प्रदर्शनी और कार्यशाला का शानदार समापन हुआ जिसमें बतौर कैलीग्राफ़ी प्रशिक्षक जालंधर (पंजाब) से आये एक्सपर्ट सुमित ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को इस कला को चुनने के फायदे और इसके स्वर्णिम भविष्य के बारे में विस्तार से समझाया । कार्यक्रम का उदघाटन नरेश गोयल सेक्रेटरी एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) पानीपत और राजीव गर्ग, उप-प्रधान, एस.डी. (पी.जी.) कॉलेज, पानीपत ने किया । मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, डॉ मोनिका खुराना और प्रो निधि ने पेंटिंग भेंट करके किया । कैलीग्राफ़ी प्रशिक्षण में विभिन्न संकायों के लगभग 250 विद्यार्थियों ने भाग लिया । इसके साथ-साथ कला प्रदर्शनी में सैंकड़ों रंगीन और सुन्दर पेटिंग्स, विज्ञापन, स्केच आदि ने सभी का मन मोह लिया । मंच संचालन डॉ मोनिका खुराना ने किया ।
छात्र मोहित द्वारा बनायीं गई आयल एवं पानी के रंगों से बनी पेटिंग्स और पोर्ट्रेटस ने सभी को अचम्भे में डाल दिया । अयोध्या के रामलला, प्रेमानंद जी महाराज, ग्रामीण महिला, वादियों की दुनिया, कृष्ण का मक्खन खाते हुए माँ यशोदा की पेटिंग्स ने बाहर से आये कलाकारों को अचरच में रखा और उन्हें सोचने पर मजबूर किया कि कॉलेज में भी इतने कमाल के कलाकार मौजूद है । एक पेंटिंग में माँ यशोदा कृष्ण को मक्खन चोरी करते हुए पकड़ लेती हैं और उन्हें डांटती है लेकिन उनकी मासूमियत पर हंस भी पड़ती हैं । इसी भाव को बड़ी सुन्दरता के साथ पेटिंग के माध्यम से दर्शाया गया । इसी प्रकार राम लला की पेंटिंग जो अयोध्या में स्थापित की गई है और जिसकी मूर्ति का रंग काला है की पेंटिंग भी आकर्षण का केंद्र बनी रही । माता सीता और भगवान् राम के प्रेम को दर्शाती पेंटिंग ने भी सबका ध्यान अपनी तरफ खेंचा ।
नरेश सिंगला सेक्रेटरी ने कहा कि कॉलेज के विद्यार्थियों को सुमित अनुभव और हुनर से बहुत अधिक लाभ होगा और वे भी इस कला को व्यावसायिक तौर पर अपनाने के लिए प्रेरित होंगे । अगर हम लगन के साथ कैलीग्राफी को सीखते हैं और सोशल मीडिया एवं डिजिटल मार्केटिंग की मदद लेते हैं तो यह हुनर हर सीखने वाले विद्यार्थी को एक अच्छा और क्रिएटिव करियर दे सकता है ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कैलीग्राफ़ी एक्सपर्ट सुमित के बारे में बताते हुए कहा कि पंजाब से फाइन आर्ट्स में एमए की डिग्री हासिल किये हुए वह एक स्वतन्त्र कलाकार है । उन्हें डिजिटल कैलीग्राफ़ी और संयोजनात्मक पेंटिंग का भी अनुभव प्राप्त है । वे ‘यूनिक आर्ट ग्रुप’ के सक्रीय सदस्य है । पिछले 4 वर्षों से सुमित खुद के प्रयासों से इस मुकाम को हासिल कर पाए है और उन्होनें अनेकों कार्यशालाओं में सैकड़ों विद्यार्थियों और कला प्रेमियों को प्रशिक्षित किया है । सुमित कैलीग्राफ़ी एक्सपर्ट ने कहा कि कैलीग्राफ़ी का अर्थ सुलेख अर्थात सुन्दर लेखनी होता है । यह लेखन या पत्राचार का एक कलात्मक और स्टाइलिश रूप है । कैलीग्राफ़ी में अक्षरों को आकर्षक और अभिव्यंजक बनाने के लिए कई तरह के उपकरणों और तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है । ग्रीक भाषा में कैलीग्राफ़ी के मायने ‘खूबसूरत लिखावट’ से है और यह कला हजारों सालों और संस्कृतियों से चली आ रही है । इसके कई स्टाइल हैं जिनमें शामिल हैं पश्चिमी, पूर्वी एशियाई, दक्षिण एशियाई और इस्लामिक । सभी प्रकार की कैलीग्राफ़ी में एक ही तरह के तरीकों से खूबसूरत अक्षर लिखे जाते हैं । अगर हमें भी सजावटी लेखन की इस कला को सीखना है तो हमें बस कुछ नियमों का पालन करना होगा । कैलीग्राफ़ी का पेन साधारण पेन की तरह इस्तेमाल नहीं होता है क्यूंकि इसमें लिखते समय हमारे पेन की टिप या निब हम से विपरीत बांयी दिशा की ओर होती है । हम चाहे जो भी अक्षर लिखना चाहते हो तब भी निब का स्थान एक ही रहना चाहिए । आज के समय में कैलीग्राफी का रोज़गार के रूप में भविष्य बहुत अच्छा है खासतौर जब हम इसे रचनात्मकता और डिजिटल तकनीकों के साथ जोड़ते हैं । कुछ क्षेत्रों में कैलीग्राफी से करियर के अच्छे अवसर मिल सकते हैं जैसे ग्राफिक डिज़ाइन और ब्रांडिंग जिसमें कंपनियाँ अपने लोगो, टैगलाइन या ब्रांड आइडेंटिटी में यूनिक हैंडलेटरिंग पाना चाहती हैं । कैलीग्राफी स्किल से हम कस्टम डिज़ाइन बना सकते हैं । इसी प्रकार शादी और इवेंट इंडस्ट्री में शादी के कार्ड, निमंत्रण, सजावट और नामपट्टों में कैलीग्राफी की बहुत माँग होती है । इसका कस्टमाइज़्ड गिफ्ट या डेकोर आइटम्स में भी भरपूर इस्तेमाल होता है । ऑनलाइन कंटेंट और सोशल मीडिया जैसे ट्यूब, इन्स्टाग्राम, पिनइंटरेस्ट पर कैलीग्राफी वीडियो और ट्यूटोरियल बहुत प्रचलित हैं । यही नहीं हम खुद का चैनल बना सकते हैं या फिर किसी ब्रांड् के लिए काम कर सकते हैं । फ्रीलांसिंग और ऑनलाइन मार्केटप्लेस जैसे एसटी, फीवर और अपवर्क जैसी साइट्स पर कैलीग्राफी से जुड़े ऑर्डर हमें मिल सकते हैं । डिजिटल प्रोडक्ट्स जैसे कि प्रिंटेबल वॉल आर्ट, कैलेंडर, प्लानर आदि बनाकर भी हम बीच सकते हैं ।

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