Thursday, April 16, 2026
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किसानों से आह्वान 15 जून से पहले खेत में ना लगाए धान: उपायुक्त

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at April 23, 2025 Tags: , , , ,

-आदेशों की उल्लंघना करने पर वसूला जाएगा जुर्माना, विभाग फसल को भी करेगा नष्ट

BOL PANIPAT , 23 अप्रैल। उपायुक्त डॉ. विरेन्द्र कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि किसान अगर 15 जून से पहले धान की रोपाई करेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। भू-जल बचाने के लिए सरकार ने कड़ा प्रतिबंध लगाया हुआ है। जो किसान आदेशों का उल्लंघन करेगा, उससे जुर्माना वसूल किया जाएगा और विभाग उसकी फसल को भी नष्ट करा देगा। फसल नष्ट कराने का खर्चा भी किसान से लिया जाएगा। ग्राम सचिव, पटवारी और कृषि अधिकारी की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ संबंधित खेत में पहुंचकर फसल को नष्ट कराएगी।
उन्होंने बताया कि जिले में करीब 90 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई व बिजाई की जाती है। समय से पहले धान की रोपाई रोकने के लिए कृषि विभाग ने टीमें गठित कर दी गई हैं। टीमें खंड कृषि अधिकारी व कृषि विभाग के नेतृत्व में खेतों में जाकर निरीक्षण करेंगी। नियमों के अनुसार 15 जून से पहले धान की रोपाई हरियाणा प्रिजर्वेशन आफ सबसायल वाटर एक्ट 2009 की अवहेलना है। इस मामले में जुर्माना व सजा का भी प्रावधान  है। समय से पहले धान रोपाई की जो तैयारी है वह लोगों को जल संकट के मुहाने लाकर खड़ी कर रही है।
उपायुक्त ने सभी किसानों से आह्ïवान करते हुए कहा है कि सभी किसान नैतिकता के तौर पर और प्रकृति की इस बेशकीमती धरोहर को बचाने के लिए 15 जून के बाद ही अपने खेतों में धान रोपाई के लिए पानी छोड़े।
कृषि उपनिदेशक डॉ. आत्मा राम गोदारा ने बताया कि मेरा पानी, मेरी विरासत योजना को इस साल भी लागू किया गया है। धान की खेती छोडऩे और धान के जगह पर अन्य विकल्पित फसलों की बुआई करने वाले किसानों को 8 हजार प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कृषि विभाग ने धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति एकड़ 4500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है। इस विधि से बिजाई करने से  लगभग 30 प्रतिशत पानी की बचत होती है और इससे पैदावार में भी इजाफा होता है।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से यह सख्त निर्देश हैं कि किसान 15 जून से पहले धान की रोपाई नहीं कर सकते। प्रशासन ने इसके लिए टीमों का गठन कर दिया है। किसानों से अपील है कि इसका हर हाल में पालन करें। मानवता के पहलू से भी आवश्यक है कि भू-जल बचाने में अपना सहयोग दें।

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