जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया.
–मुख्य अतिथि के रूप में योगेश शर्मा ने शिरकत की ।
BOL PANIPAT : 5 जून–जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व शहरी आजीविका मिशन के संयुक्त तत्वावधान में अमृत मित्रा कार्यक्रम के तहत जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में योगेश शर्मा ने शिरकत की । योगेश शर्मा ने अपने संबोधन में बताया पेड़ पौधों का मानव जीवन में बड़ा महत्व है। पेड़ पौधे न सिर्फ ऑक्सीजन देते हैं बल्कि तमाम प्रकार के फल फूल, जड़ी बूटियाँ और लकड़ियां आदि भी देते हैं। इसलिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए व उनकी देखभाल करनी चाहिए। इससे प्रकृति के सुंदरता और पर्यावरण में शुद्धता बढ़ेगी। जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला से रसायन वैज्ञानिक डॉ सतीश दहिया ने बताया वर्ष 2025 के लिए विश्व पर्यावरण दिवस की थीम ‘प्लास्टिक प्रदूषण को हटाना’ है।प्लास्टिक बैग प्लास्टिक प्रदूषण का एक प्रमुख स्रोत हैं, एक प्रकार का कचरा जो हमारे पारिस्थितिकी तंत्र पर कहर बरपा रहा है। यह ग्रह पर मानव जीवन के लिए खतरा है। प्रदूषण को कम करने के लिए, प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। प्लास्टिक बैग पर्यावरण, हवा और पानी को प्रदूषित करते हैं।
शहरी आजीविका मिशन से राकेश कादियान सीपीओ व सोनिया कालड़ा कोऑर्डिनेटर ने पर्यावरण बारे सेल्फ हेल्प ग्रुप को मेंबर्स को जानकारी दी
इस अवसर पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जिला सलाहकार डॉ सतविंदर टाया ने बताया कि हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों जैसे- जल एवं पेड़ पौधों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। यदि हम प्रकृति का पोषण कर रहे हैं तो अपने जीवन का पोषण कर रहे हैं। हमें पेड़ पौधे लगाकर उनकी सुरक्षा के जिम्मेवारी लेनी चाहिए।
इसके साथ ही हमें जल गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए अपने नल कनेक्शन को गंदे पानी की नाली से बाहर रखना चाहिए। ताकी हमें शुद्ध पेयजल मिल सके।
कनिष्ठ अभियंता लवनिश मेहता व वेदपाल ने बताया पेड़ पौधे हमें शुद्ध हवा, जल, और भोजन प्रदान करते हैं, जिससे हमारा जीवन जीने योग्य बनता है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा अमृत मित्रा कार्यक्रम के तहत पौधारोपण की शुरुआत की गई
इस अवसर पर बीआरसी रोशन लाल ,होशियार सिंह , वर्षा पांचाल के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह के सदस्य उपस्थित रहे ।

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