शिक्षण को सुगम बनाने के लिए जीवन कौशल शिक्षण आधारित कार्यशाला का हुआ आयोजन।
BOL PANIPAT : आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल के सभागार में आज सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें विद्यालय के 60 शिक्षकों ने हिस्सा लिया था। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को जीवन कौशल की समझ प्रदान करना एवं उन्हें कक्षा में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए इन कौशलों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रशिक्षित करना था।
कार्यशाला का उद्देश्य स्कूल स्तर पर जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए शिक्षकों को तैयार करना रहा। सर्वप्रथम दीप प्रज्वलन करके आज की इस कार्यशाला का शुभारंभ किया गया ।
प्रशिक्षण में शिक्षकों को जीवन कौशल शिक्षा की अवधारणा, उद्देश्य, स्टोरी बेस्ड करिकुलम, मॉनिटरिंग टूल्स एवं सतत निगरानी प्रक्रिया की गहन जानकारी दी गई। इस मौके पर पहुंचे हुए रिसोर्स पर्सन मंजुला और सपना त्यागी ने कहा कि जीवन कौशल शिक्षा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आधार है। उन्होंने बड़े सरल ,सहज और खेल-खेल के द्वारा अनेक उपयोगी एवं जीवन कौशल पर आधारित विषयों की शिक्षा दी।जीवन को सुगम सरल एवं सहज बनाना ही आज की शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है और आज के चुनौती भरे शिक्षण कार्य में जीवन कौशल ही शिक्षकों का सही मार्गदर्शन कर सकती है। विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों के विकास में इस तरह की कार्यशालाओं का विशेष योगदान रहता है। शिक्षण को सुगम बनाना ही आज की कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है।विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मीनाक्षी अरोड़ा जी ने आए हुए रिसोर्स सदस्यों का धन्यवाद किया और कहा कि आज की कार्यशाला शिक्षकों का मार्गदर्शन करेगी।जिससे शिक्षकों और विद्यार्थियों के आत्मविश्वास एवं निर्णय क्षमता में वृद्धि होगी और उनके उज्ज्वल भविष्य निर्माण में यह कार्यशाला मील का पत्थर साबित होगी।

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