स्वच्छ हवा और स्वच्छ जीवन हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए–डीसी
-उपायुक्त का किसानों से आह्वान “पराली न जलाएं, पर्यावरण बचाएं”
BOL PANIPAT ,26 अक्टूबर। उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में पराली न जलाएं और अन्य किसानों को भी इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित होती है। इससे वातावरण में हानिकारक धूलकण (पी.एम. 2.5) का स्तर बढ़ जाता है, जिससे लोगों को सांस, फेफड़ों और हृदय से संबंधित गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है।
डॉ. दहिया ने कहा कि “प्रदूषण हटाओ, जीवन बचाओ” केवल एक नारा नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। पराली जलाने से पर्यावरण में जहरीले तत्व फैलते हैं, जो बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए अत्यंत हानिकारक होते हैं।
उन्होंने कहा कि खेतों में आग लगाने से मिट्टी के उपयोगी कीटाणु और जैविक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे आने वाली फसल की उत्पादकता घट जाती है।
जिला उपायुक्त ने चेतावनी दी कि कोई भी किसान या व्यक्ति यदि खेतों में पराली जलाता है तो उसके विरुद्ध जुर्माना अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कानून का पालन हर किसान का कर्तव्य है और सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
डॉ. दहिया ने किसानों को सुझाव दिया कि वे पराली जलाने के बजाय इसके वैकल्पिक उपयोग अपनाएं। पराली से जैविक खाद तैयार की जा सकती है, इसे बायोमास एनर्जी, छप्पर निर्माण तथा मशरूम की खेती में उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा पराली के बेल्स बनाकर उद्योगों या पैलेट/ब्रिकेट्स बनाने वाली कंपनियों को बेचा जा सकता है, जिससे अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा, “हम सभी को मिलकर यह संकल्प लेना होगा कि पर्यावरण की रक्षा करें, खुद को और आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ रखें। स्वच्छ हवा और स्वच्छ जीवन हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन किसानों को पराली प्रबंधन से संबंधित सभी तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर हैं।

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