एसपी भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने अपराध गोष्ठी का आयोजन कर थाना प्रबंधकों व अधिकारियों को अपराध पर नियंत्रण और लंबित मामलों के निष्पादन के दिए सख्त निर्देश
BOL PANIPAT , 18 नवंबर, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने मंगलवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में पर्यवेक्षण अधिकारियों, थाना प्रबंधकों, क्राइम युनिट प्रभारियों व चौकी इंचार्जों के साथ अपराध गोष्ठी का आयोजन कर कानून एवं व्यवस्था व दर्ज मुकदमों में की जा रही कार्रवाही की समीक्षा लेकर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त निर्देश दिए।
अपराध गोष्ठी में डीएसपी नवीन संधू, डीएसपी सुरेश कुमार सैनी, डीएसपी नरेंद्र सिंह, डीएसपी आत्माराम व सभी थाना प्रबंधक, क्राइम युनिट प्रभारी व चौकी इंचार्ज उपस्थित रहें।
केस की जांच तय समय में पूरी करें
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने मीटिंग में सख्त निर्देश देते हुए कहा कि दर्ज किसी भी मुकदमें की जांच बेवजह लंबे समय तक पेंडिंग न रखें एवं तय समय सीमा में जांच पूरी कर उसका माननीय न्यायालय में चालान पेश करें। महिला विरूध अपराधों में आरोपी को शीघ्र अति शीघ्र गिरफ्तार कर अभियोग का शीघ्र निस्तारण करें।
उन्होंने कहा कि थाना चौकी में शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक शिकायतकर्ता के साथ नैतिकता का व्यवहार करते हुए शिकायत को ध्यानपूर्वक सुने और नियमानुसार त्वरिक कार्रवाई अमल में लाई जाए। किसी के साथ अभद्र व्यवहार ना करें। इसके बारे जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में टीम द्वारा पीड़ित से फोन के माध्यम से संपर्क कर फिडबेक भी लिया जा रहा है। पीड़ित की शिकायत चाहे ऑनलाईन, ऑफलाईन या उच्च अधिकारियों के कार्यालय के माध्यम प्राप्त हुई हो उस पर त्वरित कार्रवाई करें।
अपराध पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाए
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने महिला विरूध अपराध, वाहन चोरी, लूट, स्नेचिंग, चोरी, हत्या जैसी गंभीर वारदातों की रोकथाम हेतु थाना प्रबंधकों, क्राइम युनिट प्रभारी व चौकी इचार्जों को उचित व प्रभावी कदम उठाने के लिए सख्त निर्देश दिए। और कहा सभी अपने-अपने क्षेत्र में प्रभावी गश्त कर संद्विगध वाहनों व व्यक्तियों की गहनता से चैकिंग करें। जिस स्थान पर बार-बार चोरी या लूट की वारदात हो रही है, वहां पर स्पेशल ड्यूटिंया लगाकर अपराध पर रोक लगाए।
आदतन अपराधियों से सख्ती से निपटे
पुलिस महानिदेशक हरियाणा ओ.पी. सिंह आईपीएस के मार्गदर्शन में “ऑपरेशन ट्रैकडाउन” अभियान चलाया गया है। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने थाना प्रबंधकों, क्राइम युनिट प्रभारी व चौकी इचार्जों को सख्त निर्देश दिए कि ऑपरेशन ट्रैक डाउन अभियान के तहत जिला में चिन्हित किए अपराधियों को काबू करे। आदतन अपराधियों पर विशेष रुप से नजर रखे व समय-समय पर उनके बारे पुछताछ करते रहें। उद्घोषित अपराधियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करे। मुकद्दमों मे बकाया आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द करें। अपराधिक घटना घटीत होनें की कोई भी सूचना मिलती है तो तुरंत घटना स्थल पर पहुचें। अपराध पर अंकुश लगाने का हर संभव प्रयास किया जाए।
इसके साथ ही जूआ, सट्टा खाईवाली, अवैध शराब, नशा तस्करी सहित गैर कानूनी धंधों पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाने व आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाने पर जोर दिया। कहा गांव व वार्डों को नशा मुक्त घोषित करने के लिए ग्राम पंचायतों व मौजिज लोगों का सहयोग लिया जाए।
कबूतरबाजी के मामलों में आरोपियों पर शिकंजा कसे
कबूतरबाजी के मामलों में अनुसंधानकर्ता त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को जल्द काबू करें। इसके साथ ही आमजन को इस बारे जागरूक भी करें कि शिक्षा, रोजगार व अन्य उद्देश्यों के लिए विदेश भेजने का प्रलोभन देकर धोखाधड़ी करने वाले अनाधिकृत ट्रेवल एजेंट एवं एजेंसियों से सावधान रहे। सरकार की ओर से अधिकृत ट्रेवल एजेंट एवं एजेंसियों से ही विदेश जाने के लिए संपर्क करें और अच्छी तरह से पूछताछ कर लें। कबूतरबाजों पर हरियाणा पुलिस द्वारा लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अनाधिकृत एजेंट व एजेंसी विदेश जाने के इच्छुक व्यक्ति को लक्षित देश की बजाय किसी अन्य देश एवं जगहों पर भेज देते हैं। ऐसे अनेक मामलों में कई बार विदेश जाने वाले व्यक्ति की जान को भी खतरा हो जाता है। इसलिए आमजन ऐसे कबूतरबाज ट्रैवल एजेंट व एजेंसियों से सावधान रहें।
सूदखोरों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई में तेजी लाए
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने थाना प्रबंधकों व चौंकी इंचार्जो को कड़े निदेश दिए कि जरूरतमंद लोगों को काफी उंची ब्याज दर पर पैसे देने वाले सूदखोरों पर और अधिक प्रभावी तरिके से शिकंजा कसे। अपने-अपने थाना क्षेत्र में इनकी पहचान कर कार्रवाई अमल में लाए। इस प्रकार से शोषण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत मे सहन नही किया जाएगा अनुशासन में रहकर ईमानदारी से कार्य करें। अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी बताए। शिकायत मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाही अमल में लाई जाएगी।

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