निःशुल्क विधिक सहायता हर जरूरतमंद का अधिकार: जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
डीएलएसए पानीपत का मेगा विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
ग्रामीण क्षेत्र में न्याय तक आसान पहुँच का मजबूत संदेश : सुदेश शर्मा
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने कार्यक्रम को जीवंत बनाया
स्टालों पर नागरिकों ने ली विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी
BOL PANIPAT , 16 दिसंबर। न्याय तक प्रत्येक व्यक्ति की सुगम और समान पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मंगलवार को गीता विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल, निम्बरी में एक भव्य मेगा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर विभिन्न प्रशासनिक विभागों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों, विद्यार्थियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन सुदेश कुमार शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी–सह–सचिव, डीएलएसए सुश्री वर्षा शर्मा, डिप्टी सीएमओ सिविल अस्पताल पानीपत, ग्राम निम्बरी सहित आसपास के गांवों के सरपंच, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण, विद्यार्थी तथा आमजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन मे जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदेश कुमार शर्मा ने कहा कि “विधिक जागरूकता केवल कानून की जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाने का माध्यम है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का लक्ष्य है कि समाज का कोई भी पात्र व्यक्ति केवल जानकारी के अभाव में न्याय से वंचित न रहे। निःशुल्क विधिक सहायता हर जरूरतमंद का अधिकार है और डीएलएसए इसे सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविर न्याय और जनता के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम आयोजक मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी–सह–सचिव, डीएलएसए वर्षा शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि लोक अदालत, निःशुल्क विधिक सहायता, महिला एवं बाल संरक्षण कानून तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की सही जानकारी आमजन तक पहुँचना अत्यंत आवश्यक है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निरंतर प्रयास कर रहा है कि हर नागरिक को समय पर, सरल और प्रभावी न्यायिक सहायता उपलब्ध हो।” उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से विधिक रूप से जागरूक नागरिक बनने का आह्वान भी किया।
शिविर के दौरान सामाजिक एवं विधिक विषयों पर आधारित नुक्कड़ नाटक ने उपस्थित लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इसके साथ ही विधिक जागरूकता पर आधारित भाषण एवं विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रमों ने आयोजन को जीवंत बना दिया।
शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा कुल 31 स्टॉल लगाए गए, जिनके माध्यम से नागरिकों को एक ही मंच पर कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा प्रशासनिक सुविधाओं से संबंधित जानकारी, परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
खास बात यह थी कि यह मेगा विधिक जागरूकता शिविर न केवल ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ, बल्कि “न्याय सबके लिए” की अवधारणा को जमीनी स्तर पर सशक्त करने की दिशा में एक प्रभावी और सराहनीय पहल के रूप में उभरकर सामने आया।इस मौके पर गीता यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर अंकुश बंसल, सेफलिका शर्मा सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि व क्षेत्र के सरपंच उपस्थिति रहे।

Comments