किसानों और मजदूरों के लिए सुरक्षा कवच बनी जीवन सुरक्षा योजना. जानकारी के अभाव में न छूटे लाभ: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
दुर्घटना में किसान- मजदूरों को 5 लाख तक की सहायता. 60 दिन में करें आवेदन.
खेती या मंडी में हादसा होने पर सरकार देगी आर्थिक मदद, योजना का उठाएं लाभ
BOL PANIPAT , 14 मार्च। हरियाणा सरकार द्वारा किसानों और खेतिहर मजदूरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चलाई जा रही मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत देने वाली योजना है। इस योजना के तहत खेती-बाड़ी या मंडी में काम करते समय किसी दुर्घटना का शिकार होने वाले किसान या मजदूर को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है।
उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र लोग इस योजना का लाभ नहीं ले पाते। इसलिए किसानों और मजदूरों को इस योजना की जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में वे समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने बताया कि योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को 5 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं रीढ़ की हड्डी टूटने से स्थाई अपंगता की स्थिति में 2.50 लाख रूपए, दो अंग कटने पर 1.87 लाख रूपए, एक अंग कटने पर 1.25 लाख रूपए, चार उंगलियां कटने पर 1.25 लाख रूपए ,पूरी उंगली कटने पर 75 हजार रुपए तथा उंगली का कुछ भाग कटने पर 37,500 रुपए की सहायता प्रदान की जाती है।
उपायुक्त डॉ . दहिया ने बताया कि दुर्घटना होने के 60 दिनों के भीतर योजना के लिए आवेदन करना अनिवार्य है। निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन करने पर क्लेम स्वीकार नहीं किया जाता। इसलिए संबंधित किसान या मजदूर परिवार समय पर आवेदन अवश्य करें।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने बताया कि आवेदन करते समय परिवार पहचान पत्र (Family ID), आधार कार्ड, पुलिस रिपोर्ट (DDR/FIR), मेडिकल रिपोर्ट या पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा बैंक पासबुक जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होते हैं।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने किसानों और खेतिहर मजदूरों से अपील की कि वे इस योजना की जानकारी अपने आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में जरूरतमंद परिवार सरकार द्वारा दी जा रही सहायता का लाभ उठा सके।

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