Friday, July 17, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में सात दिवसीय एनएसएस विशेष कैंप का तीसरा दिन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at March 16, 2026 Tags: , , , , ,

“खुद  मज़बूत  होंगे  तभी  नशे की समस्या  हल  होगी”: अशोक वर्मा 

108 एनएसएस कार्यकर्ताओं ने नशे और बाल शोषण के खिलाफ चलाया अभियान 

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र के एनएसएस पाठ्यक्रम के अनुसार 14 से 20 मार्च तक चलने वाले सात दिवसीय एनएसएस विशेष कैंप का आज तीसरा दिन रहा जिसमे डॉ अशोक कुमार वर्मा सब-इंस्पेक्टर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पानीपत ने भाग लिया और अपने अनुभव एवं ज्ञान को एनएसएस कार्यकर्ताओं के साथ बांटा. माननीय मेहमानों का स्वागत कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, कॉलेज में एनएसएस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग एवं डॉ संतोष कुमारी ने किया. माननीय मेहमानों के अनुभवों और ज्ञान को लेकर कॉलेज एनएसएस यूनिटस के लगभग 108 कार्यकर्ता खटिक बस्ती के लिए रवाना हुए और वहां जाकर युवाओं, बच्चों, वयस्कों और महिलाओं को नशे के नुकसान और बच्चों के शोषण के खिलाफ जागरूक किया. सभी मेहमानों ने प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से ब्लड डोनेशन कैंप लगाने पर कॉलेज प्रशासन की तारीफ़ की. विदित रहे की कॉलेज के एनएसएस कार्यकर्ताओं ने लॉकडाउन की अवधि के दौरान भी मास्क, सेनिटाइजर, दवाईयाँ इत्यादि वितरित करने में प्रशासन और रेड क्रॉस की काफी मदद की थी.     

डॉ अशोक कुमार वर्मा सब-इंस्पेक्टर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो हरियाणा ने कहा की हरियाणा सरकार ने अपराध के तौर पर गति पकड़ रहे नशे के धंधे को नष्ट करने के लिए नारकोटिक्स ब्यूरो की स्थापना की है. ब्यूरो को नशे के खिलाफ सख्ती से निपटने के निर्देश है. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का मुख्यालय मधुबन में बनाया गया है ताकि राज्य के सभी हिस्सों में आसानी से आवागमन हो सके. उन्होनें कहा कि देश में नारकोटिक्स ब्यूरो स्थापित करने वाला हरियाणा पहला राज्य है. हरियाणा सरकार ने राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम एवं नियंत्रण के साथ इनकी आपूर्ति, विनिर्माण, परिवहन, वितरण और भंडारण में संलिप्त लोगों का पता लगाने और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के लिए हरियाणा राज्य मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो का गठन किया है. ब्यूरो का कार्य नशीली दवाओं एवं मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त असामाजिक तत्वों पर कानून के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार तकनीकी एवं मानव खुफिया जानकारी एकत्रित करना और उन पर निगरानी रखना तथा विशेष टीमों के माध्यम से और हरियाणा पुलिस एवं अन्य सरकारी विभागों की इकाइयों के सहयोग से ड्रग-तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाना भी शामिल है. ब्यूरो मुख्य रूप से बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं की तस्करी के संचालन में शामिल गिरोह और फाइनेंसरों का पता लगाने और एनडीपीएस अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से इनके द्वारा अर्जित संपत्ति को जब्त करने का कार्य करता है. नशे का सबसे बुरा प्रभाव हमारी युवा पीढ़ी पर पड़ता है. ऐसे में एनएसएस कार्यकर्ताओं का दायित्व है की वे ऐसी बस्तियों/ गांवों में जाकर वहां के युवाओं और बच्चों को नशे के खिलाफ समझाए और जागरूक करे.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने एनएसएस कार्यकर्ताओं का हौंसला बढ़ाते हुए कहा की समय की मांग है की आज के युवा सभी को अपने साथ लेकर चले. कोरोना आपदा ने वैसे भी सामूहिक जीवन के महत्व को और उजागर किया है. आज के एनएसएस कार्यकर्ताओं के जज्बे, हौंसले और कार्यों को देख कर उन्हें इस बात की तस्सली हो गई है की अब भी युवा जिम्मेदार और प्रगतिशील है. गाँव में नशे और बाल शोषण के खिलाफ अभियान चला कर इन युवाओं ने राष्ट्र के निर्माण में अपना स्थान और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया किया है.

इस अवसर पर डॉ. पवन कुमार, प्रो. पूजा धींगरा,  प्रो. मनोज, प्रो. आशीष गर्ग आदि मौजूद रहे.

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