मंडी में बिना नंबर प्लेट ट्रैक्टरों की एंट्री पर रोक. बायोमेट्रिक से होगी खरीद : उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया
मंडियों में दूसरे राज्यों का गेहूं नहीं आएगा, एसडीएम को बनाया ओवरऑल इंचार्ज
रबी खरीद को लेकर प्रशासन सख्त, 10 दिन में पूरी हों तैयारियां
मंडियों में मूलभूत सुविधाओं पर विशेष फोकस, सीसीटीवी और सुरक्षा के निर्देश
हर मंडी में होगा हेल्प डेस्क स्थापित
BOL PANIPAT , 19 मार्च। जिला सचिवालय सभागार में गुरुवार को रबी फसलों की खरीद की तैयारी को लेकर उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडियों की तैयारियों, खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश देते हुए कहा कि खरीद व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने कहा कि हमारा पूरा फोकस इस बार मंडियों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर है। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह हमारी प्राथमिकता है। हर मंडी में पानी, बिजली, साफ-सफाई, सुरक्षा और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। एसडीएम मनदीप कुमार, अमित कुमार और नवदीप नैन सहित सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि तय समय सीमा में व्यवस्थाएं पूरी करें। यदि कहीं लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि किसान अपनी फसल बिना किसी परेशानी के आसानी से बेच सकें। उन्होंने कहा कि मंडियों में आने वाले सभी ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट अनिवार्य होगी। बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों से किसी भी प्रकार की खरीद नहीं की जाएगी। इसके अलावा खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली को अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी प्रकार का डाटा मिसमैच न हो सके। बैठक में मंडियों में मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी मंडियों में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सडक़ें सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, मंडियों में 50-50 तरपाल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, ताकि खराब मौसम की स्थिति में अनाज सुरक्षित रखा जा सके।
उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सख्त है। हर मंडी में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, कंप्यूटर व्यवस्था होगी और एक होमगार्ड तथा एक पुलिसकर्मी की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। उपायुक्त ने यह भी कहा कि मंडियों में आवारा पशु नजर नहीं आने चाहिए, इसके लिए संबंधित विभाग जिम्मेदार होंगे। उन्होंने खरीद एजेंसियों को कहा कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अनाज की लिफ्टिंग उसी दिन सुनिश्चित की जाए, ताकि मंडियों में अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था न हो। मंडियों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था, अपडेटेड कांटे (वजन मशीन) और सुचारू परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कृषि विभाग को हर मंडी में हेल्प डेस्क स्थापित करने के लिए कहा गया, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत समाधान मिल सके।
एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उपायुक्त ने दूसरे राज्यों से आने वाले गेहूं पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके लिए बैरीकेट लगाने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे बाहरी अनाज की एंट्री को रोका जा सके। प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एसडीएम पानीपत मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार और एसडीएम इसराना नवदीप नैन को अपनी-अपनी मंडियों का ओवरऑल इंचार्ज नियुक्त किया गया है।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि आगामी 10 दिनों के भीतर सभी तैयारियां जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। बैठक में डीआरओ कलब लाकड़ा, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीएफएससी दिव्या, डीएसपी सतीश वत्स, तहसीलदार वीरेंद्र गिल, तहसीलदार सौरभ शर्मा, नरेंद्र, कैलाश, कृषि विभाग से सहायक कार्यकारी अभियंता सुधीर तथा डीएमई महावीर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि 28 मार्च से सरसों और 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं और अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।

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