डिजिटल अरेस्ट से न घबराएं, तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं. डिजिटल अरेस्ट कानून में कोई शब्द नहीं : एसपी भूपेंद्र सिंह आईपीएस
BOL PANIPAT , 25 मई : पुलिस ने साइबर अपराध पर अंकुश लगाने व आमजन को साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि वित्तीय लेन देन को लेकर जैसे-जैसे इंटरनेट पर निर्भरता बढ़ी है, वैसे-वैसे साइबर ठगी की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों से बचने के लिए खुद को जागरुक करें। साइबर ठग अपराध करने के नए नए तरीके अपना रहें है। आमजन के जागरूक होने से ही साइबर अपराधियों के चंगुल में आने से बचा जा सकता है। साइबर ठग व्हाट्सएप कॉल कर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर भी ठगी करते हैं।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बताया कि साइबर ठगों द्वारा अपनाया जाने वाला ठगी का यह नया तरीका है। साइबर अपराधी अक्सर खुद को सीबीआई, पुलिस या कस्टम अधिकारी बताकर लोगों को वीडियों कॉल करते है। वीडियो कॉल के बैकग्राउंड को किसी पुलिस स्टेशन की तरह बना लिया जाता है। जिसे देखने वाला हर कोई व्यक्ति डर कर उनकी बातों में आ जाता है। वे मनी लॉन्ड्रिंग या नशीले पदार्थों की तस्करी में नाम होने और फर्जी नोटिस भेजकर गिरफ्तारी का डर दिखाते है। फिर घंटों घर में ही डिजिटल कैद रहने पर मजबूर कर रूपए ऐंठते है। लोग जान नहीं पाते कि नोटिस फर्जी है और ठगी का शिकार हो जाते है।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बताया कि साइबर ठग द्वारा व्यक्ति को 24 घंटे उनके संपर्क में रहने के लिए सर्विलांस पर फोन या वेबसाइट के जरिये नजर रखने की बात कही जाती है। अपराधी इस दौरान आपको वीडियो कॉल से हटने भी नहीं देता और न ही किसी को कॉल करने देते है। लंबी सजा और बड़े जुर्माने व समाज में अपमान होने के डर से पीड़ित ठगों द्वारा कही हर बात को फॉलो करता है। इस दौरान ठग केस को रफा-दफा करने के लिए पीड़ित से पैसे मांगता है और पीड़ित उसे रकम भी दे देता है। इस तरह की कोई कॉल आती है तो उसके झांसे में न आए। डिजिटल अरेस्ट कानून में कोई शब्द नहीं है। लोगों को इससे नहीं घबराना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि इस प्रकार की वारदातों से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहें। फोन पर कोई अपने आप को पुलिस, सीबीआई, नारकोटिक्स विभाग, सीबीआई विभाग, आरबीआई और ईडी इत्यादि का अधिकारी बताकर इस तरह ब्लैकमेल, जबरन वसूली या डिजिटल अरेस्ट इत्यादि की धमकी देता है तो उनसे डरे नहीं तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।

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