Friday, May 29, 2026
Newspaper and Magzine


प्रदूषण नियंत्रण के लिए उद्योगों और एचएसपीसीबी की साझा जिम्मेदारी: योगेश कुमार

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at May 29, 2026 Tags: , , , , ,

हरियाणा में खतरनाक कचरा प्रबंधन पर बड़ा मंथन, उद्योगों ने उठाए कई अहम मुद्दे

अवैध प्रदूषित पानी छोड़ने पर सख्ती की तैयारी, टैंकर जब्त करने और भारी जुर्माने की नीति पर विचार

एनसीआर में स्वच्छ पर्यावरण के लिए उद्योगों से सहयोग की अपील, एचएसपीसीबी ने बनाई विशेष निगरानी सेल

BOL PANIPAT , 29 मई। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हरियाणा पर्यावरण प्रबंधन सोसायटी की ओर से जिला पानीपत में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार (आईएएस) ने की। कार्यक्रम के दौरान हरियाणा में संचालित उद्योगों की ओर से हरियाणा पर्यावरण प्रबंधन सोसायटी ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए, जिन पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सबसे पहले “एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल” का मुद्दा उठाया गया। इस संबंध में सदस्य सचिव ने जानकारी दी कि बोर्ड द्वारा पहले ही सार्वजनिक सूचना जारी कर उद्योगों को एनएचडब्ल्यूटीएस पोर्टल पर स्थानांतरित होने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में यह पोर्टल पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रहा था, इसलिए ट्रैकिंग एचआरओसीएमएमएस पोर्टल पर जारी थी। भविष्य में खतरनाक कचरे की ट्रैकिंग के लिए एनएचडब्ल्यूटीएस ही एकमात्र पोर्टल होगा। हरियाणा पर्यावरण प्रबंधन सोसायटी से भी अपने सदस्यों का इस पोर्टल पर पंजीकरण कराने का आग्रह किया गया। साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा शीघ्र ही पंजीकरण और निगरानी को लेकर कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसकी वीडियो कॉन्फ्रेंस लिंक साझा की जाएगी।
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों के लिए वित्तीय सहायता योजनाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। इस पर बोर्ड ने स्पष्ट किया कि वित्तीय सब्सिडी योजनाएं राज्य सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा पर्यावरण विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। सुझाव संबंधित विभागों तक भेजने का आग्रह किया गया। बोर्ड ने जानकारी दी कि 29 जनवरी 2026 को हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा सूक्ष्म एवं लघु कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और वस्त्र क्षेत्र के लिए वित्तीय सहायता नीति बनाई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त उद्योगों द्वारा वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की स्थापना और उन्नयन हेतु प्रोत्साहन दिए जाने का विषय भी उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।
नीतियों और अधिसूचनाओं पर चर्चा के दौरान बोर्ड ने बताया कि वर्तमान में वह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग, राष्ट्रीय हरित अधिकरण तथा अन्य न्यायालयों के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहा है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी प्रारूप अधिसूचनाओं पर हितधारकों से सुझाव लेने के लिए पर्याप्त समय दिया जाता है। हरियाणा पर्यावरण प्रबंधन सोसायटी को भी सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बोर्ड ने बताया कि तकनीकी प्रस्तावों की जांच के लिए तकनीकी सलाहकार समिति गठित है और सोसायटी की ओर से प्रस्तुत सुझाव समिति के समक्ष रखे जाएंगे।
खतरनाक कचरा उपचार, भंडारण एवं निस्तारण सुविधा की संचालन सहमति नवीनीकरण से जुड़े मुद्दे पर बोर्ड ने कहा कि भूमि लीज नवीनीकरण लंबित होने और मामला माननीय सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण बोर्ड वैधानिक प्रावधानों से बंधा हुआ है। इस विषय को कानूनी परीक्षण हेतु फरीदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय और विधिक प्रकोष्ठ को भेजा गया है। किसी भी प्रकार की सशर्त संचालन सहमति केवल कानूनी अनुमति और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अधीन ही जारी की जाएगी।
नगर निगम फरीदाबाद एवं शहरी स्थानीय निकायों के साथ 20 वर्षों की लीज अवधि को लेकर बोर्ड ने कहा कि यह प्रशासनिक विषय है और नगर निगम फरीदाबाद, शहरी स्थानीय निकाय विभाग तथा राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। बोर्ड केवल पर्यावरणीय अनुपालन के नियामक के रूप में कार्य करता है। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण संबंधित विभागों से संपर्क करने की सलाह दी गई।
बैठक में खतरनाक कचरे को केवल उपचार, भंडारण एवं निस्तारण सुविधा के माध्यम से भेजने की मांग पर बोर्ड ने स्पष्ट किया कि खतरनाक एवं अन्य अपशिष्ट नियम, 2016 के तहत उद्योगों को अधिकृत पूर्व-प्रसंस्करण, सह-प्रसंस्करण अथवा उपचार, भंडारण एवं निस्तारण सुविधा इकाइयों, यहां तक कि सीमेंट प्लांट्स तक, कचरा भेजने की अनुमति है ताकि परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा सके। किसी एक इकाई को अनिवार्य बनाना मुक्त व्यापार और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के विपरीत होगा।
भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए नए उपचार, भंडारण एवं निस्तारण सुविधा स्थल की पहचान के मुद्दे पर बोर्ड ने सहमति जताई और बताया कि संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को नए स्थलों की पहचान के निर्देश जारी किए गए हैं। बोर्ड भविष्य की जरूरतों के अनुसार नए स्थलों की संभावनाओं पर कार्य कर रहा है।
हरियाणा में नए पूर्व-प्रसंस्करण इकाइयों को अनुमति देने के मुद्दे पर बोर्ड ने कहा कि एक वैधानिक नियामक संस्था होने के नाते वह किसी भी नए यूनिट की स्थापना को केवल किसी मौजूदा इकाई के व्यावसायिक हितों की रक्षा के लिए नहीं रोक सकता। नए प्रस्तावों का मूल्यांकन पर्यावरणीय मानकों, तकनीकी क्षमता और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की साइटिंग गाइडलाइन के आधार पर किया जाएगा। हरियाणा पर्यावरण प्रबंधन सोसायटी की सहमति लेना वर्तमान पर्यावरणीय कानूनों के तहत आवश्यक नहीं है।
बैठक में सदस्य सचिव योगेश कुमार ने करनाल, पानीपत और सोनीपत से उपस्थित औद्योगिक संगठनों से एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के लिए संयुक्त प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण का लक्ष्य उद्योगों और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साझा सहयोग से ही हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यालय स्तर पर एक विशेष निगरानी सेल बनाया गया है, जो उद्योगों द्वारा लगाए गए वास्तविक समय निगरानी उपकरणों के माध्यम से वायु और जल उत्सर्जन की निरंतर निगरानी करेगा। जहां भी किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पाई जाएगी, वहां स्थल निरीक्षण के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
योगेश कुमार ने करनाल, पानीपत और सोनीपत में टैंकरों के माध्यम से किए जा रहे अवैध प्रदूषित पानी के डिस्चार्ज का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया। उन्होंने बताया कि ऐसी गतिविधियों में शामिल टैंकरों पर भारी जुर्माना लगाने और पुलिस के माध्यम से उन्हें जब्त करने की नीति पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने उद्योगों से अपील की कि वे ऐसी गतिविधियों से बचें जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं और मानव जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।
उन्होंने सभी औद्योगिक संगठनों से कहा कि विभिन्न विभागों और प्राधिकरणों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में यदि किसी प्रकार की समस्या आती है तो वे किसी भी समय हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संपर्क कर सकते हैं। बोर्ड उनकी समस्याओं के समाधान का हर संभव प्रयास करेगा।

Comments


Leave a Reply