जनसेवाओं में बिल्कुल देरी बर्दाश्त नहीं, लंबित शिकायतों के निस्तारण पर अधिकारी करें फोकस: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
पेंडेंसी पर डीसी के सख्त आदेश, सभी विभागों को तय समय में निस्तारण के निर्देश
लंबित शिकायतों पर प्रशासन की पैनी नजर, जवाबदेही तय करने की तैयारी
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पेंडेंसी समीक्षा, उपायुक्त ने अधिकारियों को चेताया
BOL PANIPAT , 19 जून। जिले में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से लंबित मामलों (पेंडेंसी) की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। हरियाणा सरकार के समाधान प्रकोष्ठ की 43वीं समीक्षा बैठक का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया, जिसमें प्रदेश के सभी उपायुक्तों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा सरकार में आयुक्त एवं सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, आयुक्त एवं सचिव सीआरआईडी, महानिदेशक हाउसिंग फॉर ऑल हरियाणा तथा प्रबंध निदेशक हारट्रोन जे. गणेशन, (आईएएस) ने की।
बैठक में विभिन्न विभागों में लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नागरिकों से संबंधित सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान विभागवार पेंडेंसी की स्थिति पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए ताकि आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक विलंब के मिल सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिले की ओर से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग सहित विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने अवगत कराया कि विभागों में लंबित मामलों के निस्तारण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से संबंधित लंबित मामलों का समाधान कर दिया गया है। उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना है और इसके लिए सभी विभागों को पूरी गंभीरता के साथ कार्य करना होगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपरांत उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिला सचिवालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागवार पेंडेंसी की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न होने पाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने विभाग में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित करें।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पेंडेंसी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। सभी विभाग नागरिकों से जुड़े मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करें। सरकार की प्राथमिकता है कि आमजन को समय पर सेवाएं प्राप्त हों और उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है तथा लंबित मामलों की नियमित निगरानी की जाएगी। जिन विभागों में पेंडेंसी पाई जाएगी, वहां आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में एडीसी अंकित चौकसे, अतिरिक्त निगम आयुक्त विवेक चौधरी, एसडीएम मनदीप कुमार, सीईओ डॉ. किरण, नगराधीश टीनू पोसवाल, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीईओ राकेश बूरा, डीएसपी सतीश वत्स, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता करण बहल, संजीव शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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