Saturday, June 20, 2026
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12 वर्षों में खेती बनी आधुनिक और लाभकारी योजनाओं से बदली किसानों की तस्वीर

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at June 20, 2026 Tags: , , , ,

केंद्र सरकार की कृषि क्रांति: अनुदान, तकनीक और जागरूकता से सशक्त हुए किसान

पराली प्रबंधन से प्राकृतिक खेती तक, किसानों को मिला योजनाओं का व्यापक लाभ

SMS अभियान और 67 शिविरों के जरिए खेत-खेत पहुंची सरकारी योजनाओं की जानकारी

BOL PANIPAT, 20 जून। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पानीपत द्वारा किसानों के कल्याण और कृषि विकास के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों को प्रमुखता से उजागर किया गया। विभाग ने पिछले वर्षों में किसानों को आधुनिक खेती, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और कृषि यंत्रीकरण से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में सहायता मिली है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जिले में 67 जागरूकता शिविर आयोजित कर किसानों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके अलावा विभाग ने एसएमएस अभियान, किसान बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, खेत प्रदर्शनियों और अन्य माध्यमों से भी किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाई। इन प्रयासों का उद्देश्य प्रत्येक पात्र किसान को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना रहा है।
शिविरों एवं जागरूकता अभियानों के दौरान किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, मेरा पानी-मेरी विरासत (एमपीएमवी), डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर), प्राकृतिक खेती तथा अन्य कृषि योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विभाग द्वारा किसानों को डीएसआर तकनीक अपनाने पर प्रति एकड़ 4,500 रुपये तथा ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत प्रति एकड़ 8,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिला।
फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत किसानों एवं कस्टम हायरिंग सेंटरों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए। इन यंत्रों के उपयोग से पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है तथा पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली है। इसके अतिरिक्त कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों पर 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया गया। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को विशेष योजनाओं के तहत अनुदान पर ट्रैक्टर भी उपलब्ध कराए गए, जिससे उनकी कृषि क्षमता में वृद्धि हुई।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा विशेष प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा कम लागत में टिकाऊ खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. राधेश्याम ने बताया कि केंद्र सरकार की किसान हितैषी नीतियों और योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जागरूकता शिविरों, एसएमएस अभियानों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए किसानों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों, कृषि यंत्रीकरण, जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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