25 जून 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय: रणबीर गंगवा
आपातकाल ने कांग्रेस की तानाशाही मानसिकता को पूरे देश के सामने उजागर किया: रणबीर गंगवा
लोकतंत्र की रक्षा के लिए दिए गए बलिदानों को कभी भुलाया नहीं जा सकता: रणबीर गंगवा
BOL PANIPAT , 24 जून। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय श्याम कमल में 25 जून 1975 को कांग्रेस सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ के अवसर पर जिला स्तरीय प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं जिला कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष रणबीर गंगवा ने कहा कि 25 जून 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दिन था। सत्ता बचाने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने संविधान की मूल भावना को कुचलते हुए देश पर आपातकाल थोप दिया और करोड़ों नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए।
रणबीर गंगवा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र की आवाज को दबाने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और विचारकों को जेलों में डाल दिया। प्रेस की स्वतंत्रता समाप्त कर दी गई और अखबारों पर सेंसरशिप लगा दी गई। देश की जनता भय और दमन के माहौल में जीने को मजबूर हो गई थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए, लेकिन कांग्रेस ने विरोध की हर आवाज को कुचलने का प्रयास किया।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान हजारों लोकतंत्र सेनानियों ने जेलों में रहकर संघर्ष किया और देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय समर्पित किया। उनका त्याग और बलिदान आज भी देशवासियों को लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। भारतीय जनता पार्टी उन सभी लोकतंत्र सेनानियों को नमन करती है जिन्होंने देश में लोकतंत्र की पुनस्र्थापना के लिए संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार संविधान की भावना के अनुरूप सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर चलते हुए देश को विकसित भारत बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। भाजपा कार्यकर्ता आपातकाल की सच्चाई को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई भी सरकार लोकतंत्र के साथ ऐसा खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी बल्कि भारतीय लोकतंत्र की आत्मा पर किया गया हमला था। कांग्रेस ने सत्ता के अहंकार में देशवासियों के मौलिक अधिकारों का हनन किया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया। लेकिन देश की जागरूक जनता ने लोकतंत्र की ताकत दिखाते हुए कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर लोकतांत्रिक मूल्यों की विजय सुनिश्चित की।
दुष्यंत भट्ट ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रत्येक वर्ष आपातकाल को लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के संकल्प दिवस के रूप में याद करती है। युवा पीढ़ी को यह जानना आवश्यक है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए कितने लोगों ने संघर्ष और बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता गांव-गांव और बूथ स्तर तक जाकर आपातकाल के दौरान हुए अत्याचारों और लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएंगे। इससे पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने सभी सभी पत्रकारों का स्वागत किया और शहरी विधायक प्रमोद विज ने सभी का आभार व्यक्त किया।
प्रेस वार्ता में जिला परिषद चेयरपर्सन ज्योति शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मपाल जागलान, जिला महामंत्री सुनील कंसल, सुमित जागलान, मंडल अध्यक्ष रेखा गोयल, जिला उपाध्यक्ष संजय त्यागी, जिला मीडिया प्रभारी ओमदत्त आर्य, सह मीडिया प्रभारी अमित पावटी, भाजपा नेता राजेंद्र हल्दाना और नरेश बेनीवाल सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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