प्रदेश सरकार गांवों के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहित की योजनाओं को धरातल पर रही उतार: हरपाल ढांडा
439.49 लाख रुपए की लागत से संवरे 13 अमृत सरोवर, जिले में ग्रामीण विकास को मिली नई उड़ान: जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट
जनभागीदारी से सफल होगा अमृत सरोवर अभियान, संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएं ग्राम पंचायते: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
हरपाल ढांडा ने किया अमृत सरोवरों का शुभारंभ, जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का किया आह्वान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का लाइव संदेश, अमृत सरोवरों से गांवों में बदलेगी विकास की तस्वीर
BOL PANIPAT , 1 जुलाई। जिले में बुधवार को 13 अमृत सरोवरों के उद्घाटन समारोह का आयोजन जिला सचिवालय में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के बड़े भाई हरपाल ढांडा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा नारायणगढ़ से आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने देखा और सुना। कार्यक्रम में ब्लॉक समिति सदस्यों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
मंत्री प्रतिनिधि हरपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहित की योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। अमृत सरोवर केवल तालाब नहीं, बल्कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के मजबूत केंद्र बनेंगे। इन सरोवरों से वर्षा जल का संरक्षण होगा, भूजल स्तर में सुधार आएगा और गांवों की प्राकृतिक सुंदरता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने गांवों को यह अनमोल सौगात दी है, अब ग्राम पंचायतों और ग्रामीणों का दायित्व है कि वे इन अमृत सरोवरों का नियमित रखरखाव करें और इन्हें स्वच्छ एवं सुरक्षित रखें। यदि जनभागीदारी के साथ इनका संरक्षण किया गया तो ये सरोवर सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि जल है तो कल है और जल संरक्षण का यह अभियान जन आंदोलन का रूप लेना चाहिए।

सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों में तालाबों के सौंदर्यीकरण को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार आगामी चरण में 75 गांवों के तालाबों का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिलेगी।
जिला परिषद की अध्यक्ष ज्योति शर्मा ने कहा कि जिले को मिली यह बड़ी सौगात ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। अमृत सरोवर गांवों की पहचान बनेंगे और यहां प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुंदर वातावरण मिलेगा।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि अमृत सरोवर केवल जलाशय नहीं बल्कि जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सतत विकास के सशक्त केंद्र हैं। इनसे वर्षा जल का संचयन होगा, भूजल स्तर को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी और गांवों की प्राकृतिक सुंदरता में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं बल्कि इन सरोवरों को लंबे समय तक उपयोगी बनाए रखना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी से इन अमृत सरोवरों को अपनी सांझा धरोहर मानते हुए इनके संरक्षण, स्वच्छता और रखरखाव का संकल्प लेने का आह्वान किया।
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. किरण ने बताया कि जिले के 13 अमृत सरोवरों के पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण पर कुल 439.49 लाख रुपए व्यय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन सरोवरों से जल संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी, ग्रामीणों को बेहतर वातावरण मिलेगा तथा गांवों में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विकास को भी नई दिशा प्राप्त होगी।

जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार गांवों के विकास के लिए ऐतिहासिक कार्य कर रही है। अमृत सरोवर योजना इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसके माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि 13 अमृत सरोवरों का कायाकल्प भविष्य की पीढिय़ों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का बड़ा अभियान है। इन सरोवरों से ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण, बेहतर जल संरक्षण और सामाजिक गतिविधियों के लिए उत्कृष्ट स्थान उपलब्ध होंगे। उन्होंने ग्राम पंचायतों और ग्रामीणों से इन सरोवरों को अपनी साझा धरोहर मानकर इनके संरक्षण और रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान हरपाल ढांडा का बुके और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के लाइव संबोधन को उपस्थित सभी लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना। पूरे समारोह में उत्साहपूर्ण माहौल रहा और जल संरक्षण के प्रति लोगों में विशेष जागरूकता देखने को मिली। इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, जिला परिषद की सीईओ डॉ. किरण, डीडीपीओ राजेश शर्मा, सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा, जिला परिषद अध्यक्ष ज्योति शर्मा, जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, विभिन्न सरपंचों के अलावा पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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