धरती को बेहतर बनाने में हम सब का सामाजिक दायित्व उपायुक्त : डॉक्टर हरीश कुमार वशिष्ठ
हरियाली की नई सुबह: पानीपत में शीघ्र शुरू होगा बड़ा पौधारोपण अभियान”
पानीपत हरा-भरा होगा: प्रशासन ने रखा हर पौधे का हिसाब”
“प्रदूषण से लड़ने का संकल्प: उपायुक्त वशिष्ठ की पौधारोपण अपील
“हर पौधा, हर जीवन: पानीपत में चलेगा हरित क्रांति अभियान
BOL PANIPAT , 12 जुलाई । जिले को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ रहा है।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सभी विभागों से पौधारोपण रिपोर्ट का शीघ्र भेजने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ज़मीनी स्तर पर की गई जिम्मेदारी है।
कुछ संदर्भ में कुछ विभागों ने रिपोर्ट भेज दी है जिसमें बताया गया है कि किस विभाग द्वारा कितने पौधे लगाए जाएंगे। जबकि कुछ विभागों की रिपोर्टें अभी आना बाकी हैं। इस मुहिम में रिफाइनरी का भी सहयोग लिया जाएगा ताकि बड़े पैमाने पर व्यावहारिक और टिकाऊ हरित कवरेज सुनिश्चित हो सके।
उपायुक्त डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि जहां-जहां पौधारोपण होगा, वहां के पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित विभागों या स्थानीय अधिकारियों को सौंपी जाएगी। साथ ही प्रत्येक स्थान पर ट्री गार्ड लगवाए जाएंगे ताकि नवरोपित पौधों को जानवरों या मनुष्यों द्वारा नुकसान से बचाया जा सके और उनकी वृद्धि सुनिश्चित हो।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि पौधारोपण के बाद निगरानी तंत्र मजबूत हो । नियमित पानी, समय-समय पर छंटाई और रोग नियंत्रण की व्यवस्था की जाए, जिससे अंकुरित पौधे जीवित रहें और बढ़-चढ़कर बड़े पेड़ बनें।
उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि आज के दौर में पौधारोपण की आवश्यकता अत्यंत प्रासंगिक है। बढ़ती औद्योगिकीकरण, वाहनों की संख्या में वृद्धि और तीव्र शहरीकरण ने वायुमंडलीय गुणवत्ता पर गहरा असर डाला है। पेड़ न केवल वायु से प्रदूषक कणों को छानने का काम करते हैं, बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर वातावरण में संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि इन्हीं पेड़ों के कारण तापमान नियंत्रित रहता है, मिट्टी कटाव कम होता है और वर्षा का चक्र भी प्रभावित होता है। ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में हरे-भरे आवरण से न केवल पर्यावरणीय लाभ होते हैं, बल्कि मनोवैज्ञानिक व सामाजिक फायदे भी जुड़े होते हैं । हरियाली से दबाव कम होता है, सार्वजनिक स्थान अधिक आमंत्रित बनते हैं और स्थानीय जैवविविधता का संरक्षण होता है।
उपायुक्त डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि “हर पौधा किसी बच्चे की तरह है उसे पैदाइश के बाद ध्यान, समय और प्यार चाहिए। जब हम एक पौधा लगाते हैं, हम केवल धरती पर एक हरा अंक जोड़ते ही नहीं, हम अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के लिए साफ हवा, छाँव और जीवन की गुणवत्ता सुरक्षित करते हैं।
यह हमारा नैतिक और सामाजिक दायित्व है कि हम इस धरती को बेहतर बनाए।
उपायुक्त ने कहा कि सरकारी प्रयास अकेले पर्याप्त नहीं होंगे; आम जनता, विद्यालय, उद्योग-संस्थान और नागरिक समाज का सहयोग अनिवार्य है। रिफाइनरी जैसे उद्योगों का सहयोग यह दिखाता है कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी से बड़े प्रभाव वाले कार्य संभव हैं।
उपायुक्त ने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब उसे दीर्घकालिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ा जाएगा।उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में होने वाले पौधारोपण की सूची
जल्द भेजे ताकि एक समन्वित योजना बनाकर कार्य त्वरित रूप से लागू किया जा सके।
डॉ. वशिष्ठ ने आम नागरिकों से भी सीधे अपील की: “यदि आप अपने घर, गली या मोहल्ले में एक पौधा लगाते हैं और उसकी देखभाल करते हैं, तो आप अपने शहर के भविष्य में योगदान दे रहे हैं। छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़ी हरियाली बनाते हैं। हर पौधा हमारी बड़ी जिम्मेदारी है और यह जिम्मेदारी हम सभी की साझा विरासत है।”

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