Sunday, July 12, 2026
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डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले साइबर अपराधियों से रहें सतर्क, घबराएं नहीं. तुरंत 1930 पर करें शिकायत : एसपी भूपेंद्र सिंह आईपीएस.

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at July 12, 2026 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT , 12 जुलाई: साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से पानीपत पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हो रही साइबर ठगी से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की है। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि वित्तीय लेन देन को लेकर जैसे-जैसे इंटरनेट पर निर्भरता बढ़ी है, वैसे-वैसे साइबर ठगी की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है।

पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि साइबर ठग व्हाट्सएप कॉल कर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर भी ठगी करते हैं। साइबर ठग व्हाट्सएप एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो कॉल कर स्वयं को सीबीआई, पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), कस्टम या अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। कॉल के दौरान पुलिस कार्यालय या सरकारी दफ्तर जैसा बैकग्राउंड दिखाकर भरोसा पैदा किया जाता है और इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स तस्करी अथवा अन्य गंभीर मामलों में नाम आने का झूठा आरोप लगाकर तत्काल डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी जाती है।
उन्होंने बताया ठग पीड़ित को यह कहकर घंटों तक वीडियो कॉल पर बनाए रखते हैं कि वह उनकी निगरानी (सर्विलांस) में है। इस दौरान न तो किसी अन्य व्यक्ति से बात करने देते हैं और न ही कॉल काटने की अनुमति देते हैं। लंबी सजा, भारी जुर्माने और सामाजिक बदनामी का भय दिखाकर वे पीड़ित से मामले को रफा-दफा करने के नाम पर बड़ी रकम वसूल लेते हैं।

पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने स्पष्ट किया डिजिटल अरेस्ट कानून में कोई शब्द नहीं है। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को हिरासत में नहीं लेती और न ही किसी जांच के नाम पर ऑनलाइन पैसे जमा कराने के निर्देश देती है। यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी, कस्टम या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन या वीडियो कॉल पर आपको डराता है और पैसे मांगता है, तो समझिए यह साइबर ठगी है। ऐसे मामलों में घबराने की बजाय तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

साइबर ठगी से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आने वाली किसी भी कॉल या वीडियो कॉल से न घबराएं। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर रुपये ट्रांसफर न करें।
अपने बैंक खाते, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी का प्रयास होते ही साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं तथा निकटतम पुलिस स्टेशन को सूचना दें।

पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि साइबर ठग लोगों के डर का फायदा उठाते हैं। यदि आप सतर्क रहेंगे और समय रहते शिकायत करेंगे, तो न केवल अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित रख सकेंगे, बल्कि साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई भी संभव होगी।

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