वीबी-जी राम जी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति देना और पंचायती राज संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना: सीईओ डॉ. किरण
वीबी-जी राम जी योजना को लेकर पंचों को किया जागरूक
विकास कार्यों में पारदर्शिता पर जोर
जिला स्तरीय पंच सम्मेलन में योजना के उद्देश्यों, सोशल ऑडिट और कार्ययोजना की दी विस्तृत जानकारी
BOL PANIPAT, 12 अगस्त। वीबी-जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को योजना के उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली से अवगत करवाने के लिए बुधवार को जिला सचिवालय के द्वितीय तल स्थित सभागार में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य कार्यकारी अधिकारी, डीआरडीए डॉ. किरण सिंह ने की।
उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति देना और पंचायती राज संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। गांवों के विकास में सरपंचों और पंचों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सभी जनप्रतिनिधि योजना की कार्यप्रणाली को समझते हुए स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार करें। विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। सोशल ऑडिट और कन्वर्जेंस के माध्यम से विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। प्रशासन का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और गांवों में होने वाला प्रत्येक विकास कार्य जनहित में उपयोगी साबित हो। इसके लिए पंचायती राज संस्थाओं और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।
हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेड़ी के निदेशक वीरेंद्र सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पंच सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से ग्रामीण विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम अधिकारी रणसिंह वर्मा ने वीबी-जी राम जी योजना के उद्देश्यों, इसके अंतर्गत करवाए जाने वाले कार्यों तथा योजना के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पंचों एवं सरपंचों को योजना की कार्यप्रणाली से अवगत करवाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सम्मेलन में उपस्थित पंचों एवं सरपंचों को योजना के तहत सोशल ऑडिट, कार्य योजना, कन्वर्जेंस और पारदर्शिता सहित विभिन्न विषयों की जानकारी भी दी गई। एबीपीओ नरेश कुमार, दिनेश कुमार, संदीप छौक्कर तथा संदीप ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को इन विषयों के बारे में विस्तार से समझाया।
उन्होंने बताया कि विकास कार्यों की योजना तैयार करने से लेकर उनके क्रियान्वयन और निगरानी तक पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। अधिकारियों ने कहा कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों की प्राथमिकताएं स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की जानी चाहिए। पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से योजनाओं से संबंधित जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों की निगरानी में सहयोग करने का भी आह्वान किया।
सम्मेलन में जिले के विभिन्न गांवों से आए सरपंचों और पंचों ने भी भाग लिया। कचरौली, जाटल, शिमला मुलाना, जलमाना, गोयला खुर्द, अटावला, कारकौली सहित अन्य गांवों के सरपंच एवं पंच सम्मेलन में उपस्थित रहे। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
सम्मेलन का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को वीबी-जी राम जी योजना के प्रति जागरूक करना तथा ग्रामीण विकास कार्यों में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से गांवों में विकास कार्यों को गति दी जा सकती है और योजनाओं को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकता है। इस दौरान जिले के विभिन्न खंडों से ब्लॉक समिति एवं पंचायत समिति के चेयरमैन व सदस्य, सरपंच, पंच तथा पंचायती राज विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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