Friday, April 17, 2026
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प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से मिलेगी सस्ती बिजली: उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at March 15, 2026 Tags: , , , , ,

-सोलर सिस्टम से घटेगा बिजली बिल. सरकारी सहायता से चमकेगा हर घर,सरकारी सब्सिडी पाएं. सोलर योजना भविष्य की ऊर्जा.

BOL PANIPAT , 15 मार्च।केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का नागरिक अधिक से अधिक लाभ उठा सकते है। इस कड़ी में उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने जिले के नागरिकों से घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगवाकर योजनाओं के कार्यान्वयन की बात कही है।
उपायुक्त डॉ .विरेंदर कुमार दहिया ने बताया कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा हरियाणा सरकार की सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगाने पर आकर्षक सब्सिडी और वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 1 किलोवाट सोलर सिस्टम लगाने पर लगभग 30 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है। इसी प्रकार 2 किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा 3 किलोवाट तक के सिस्टम पर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलती है। इसके साथ ही हरियाणा सरकार द्वारा भी विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे आम लोगों के लिए सोलर सिस्टम लगवाना और भी आसान हो गया है।
उपायुक्त डॉ दहिया ने बताया कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है, विशेषकर बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को हरियाणा सरकार की ओर से अतिरिक्त सब्सिडी दी जाती है। इस श्रेणी में 1 किलोवाट सोलर सिस्टम पर लगभग 25 हजार रुपये तथा 2 किलोवाट सिस्टम पर लगभग 50 हजार रुपये तक की राज्य सरकार की सहायता उपलब्ध है।
उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। श्रेणी-1 में हरियाणा सरकार के सभी विभागों में कार्यरत नियमित कर्मचारी तथा HKRN के कर्मचारी शामिल हैं। श्रेणी-2 में वे उपभोक्ता शामिल किए गए हैं जिन्होंने 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2025 तक अपना बिजली बिल देय तिथि या उससे पहले नियमित रूप से जमा कराया है।
इन श्रेणियों के तहत 1 किलोवाट सोलर सिस्टम की अनुमानित लागत लगभग 55 हजार रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा 30 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है और लगभग 19,500 रुपये तक की ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है। इसी प्रकार 2 किलोवाट सिस्टम की अनुमानित लागत लगभग 1 लाख 10 हजार रुपये है, जिसमें 60 हजार रुपये की केंद्रीय सब्सिडी और लगभग 39 हजार रुपये तक की ब्याज मुक्त सहायता दी जाती है। 3 किलोवाट सोलर सिस्टम की अनुमानित लागत लगभग 1 लाख 65 हजार रुपये है, जिस पर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी और लगभग 58,500 रुपये तक की ब्याज मुक्त सहायता मिल सकती है।
उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने बताया कि 4 किलोवाट सोलर सिस्टम की अनुमानित लागत लगभग 2 लाख 20 हजार रुपये है, जिसमें 78 हजार रुपये तक की केंद्रीय सब्सिडी और लगभग 78 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध है। इसी प्रकार 5 किलोवाट सोलर सिस्टम की अनुमानित लागत लगभग 2 लाख 75 हजार रुपये है, जिसमें 78 हजार रुपये की सब्सिडी और लगभग 97,500 रुपये तक की ब्याज मुक्त सहायता दी जाती है।
उपायुक्त ने बताया कि श्रेणी-3 के अंतर्गत बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को विशेष लाभ दिया जा रहा है। इस श्रेणी में 1 किलोवाट सोलर सिस्टम पर 30 हजार रुपये की केंद्रीय सब्सिडी के अलावा लगभग 25 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जबकि 2 किलोवाट सिस्टम पर 60 हजार रुपये की सब्सिडी और लगभग 50 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध है।
इसी प्रकार श्रेणी-4 में वे उपभोक्ता शामिल हैं जिनकी वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से 3 लाख रुपये के बीच है। इस श्रेणी में 1 किलोवाट सोलर सिस्टम पर 30 हजार रुपये की केंद्रीय सब्सिडी के साथ लगभग 20 हजार रुपये की वित्तीय सहायता और 2 किलोवाट सिस्टम पर 60 हजार रुपये की सब्सिडी के साथ लगभग 10 हजार रुपये की सहायता दी जाती है।
डॉ. दहिया ने बताया कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा दी जाने वाली ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता की राशि उपभोक्ताओं से आसान किस्तों में वसूल की जाती है। यदि बिजली बिल दो महीने में आता है तो यह राशि 12 बिलों में और यदि बिल प्रतिमाह आता है तो 24 बिलों में वसूल की जाती है।
डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने बताया कि सोलर सिस्टम लगाने से उपभोक्ताओं को बिजली उत्पादन का सीधा लाभ मिलता है। उदाहरण के तौर पर 2 किलोवाट सोलर सिस्टम से लगभग 600 यूनिट, 3 किलोवाट से लगभग 900 यूनिट, 5 किलोवाट से लगभग 1500 यूनिट, 8 किलोवाट से लगभग 2400 यूनिट तथा 10 किलोवाट सिस्टम से लगभग 3000 यूनिट तक बिजली उत्पादन संभव है। इससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भी भारी बचत होती है।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने बताया कि 2 किलोवाट सोलर सिस्टम से लगभग 3 से 4 हजार रुपये तक, 3 किलोवाट से लगभग 5 से 6 हजार रुपये तक, 5 किलोवाट से लगभग 10 से 12 हजार रुपये तक, 8 किलोवाट से लगभग 15 से 19 हजार रुपये तक तथा 10 किलोवाट सिस्टम से लगभग 20 से 25 हजार रुपये तक बिजली बिल में बचत संभव है।
एसई धर्म सिहाग ने बताया कि सामान्य रूप से 1 किलोवाट सोलर सिस्टम प्रतिदिन लगभग 5 यूनिट बिजली उत्पन्न करता है। यदि प्रति यूनिट बिजली का औसत मूल्य लगभग 7 रुपये माना जाए तो 60 दिनों में लगभग 2100 रुपये तक की बचत हो सकती है।
उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगवाकर स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाएं। अधिक जानकारी के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली उपमंडल कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या आधिकारिक पोर्टल PM Surya Ghar Portal पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

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