कुष्ठ रोग छिपाएं नहीं, समय पर कराएं जांच और उपचार, 1 से 14 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश कुष्ठ रोग के खिलाफ निर्णायक अभियान
10 लाख 34 हजार 307 लोगों की होगी स्क्रीनिंग, अभियान के तहत 2 लाख 359 घरों तक स्वास्थ्य टीमें पहुंचेंगी
575 टीमों का गठन 1,150 टीम सदस्य शामिल होंगे
कुष्ठ रोग के खिलाफ जंग में ईमानदारी से निभाएं जिम्मेदारी, खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं
BOL PANIPAT, 26 अगस्त। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बुधवार को जिला सचिवालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर लेप्रोसी केस डिटेक्शन कैंपेन (एलसीडीसी)-2026 की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिले में कुष्ठ रोग की जल्द पहचान, समय पर उपचार तथा लोगों में बीमारी को लेकर व्याप्त भ्रांतियों और सामाजिक कलंक को दूर करने के उद्देश्य से यह अभियान 1 सितंबर से 14 सितंबर 2026 तक चलाया जाएगा। बैठक में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य टीमें पूरी गंभीरता के साथ घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करें और कुष्ठ रोग के संदिग्ध मामलों की पहचान कर उन्हें तत्काल चिकित्सकीय जांच एवं उपचार से जोड़ें। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रत्येक निर्धारित क्षेत्र में प्रभावी ढंग से स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए।
डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि कुष्ठ रोग को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को समाप्त करना भी अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। कई बार लोग त्वचा पर दिखाई देने वाले धब्बों, सुन्नपन अथवा संवेदना में कमी को नजरअंदाज कर देते हैं और उपचार में देरी करते हैं। समय पर पहचान न होने पर बीमारी आगे बढ़ सकती है और विकलांगता का कारण बन सकती है। इसलिए किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एलसीडीसी अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही, खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्व को पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ निभाए। अभियान की सफलता केवल आंकड़े जुटाने में नहीं, बल्कि वास्तविक रूप से संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने में है।
सीएमओ विजय मलिक ने बताया कि एलसीडीसी-2026 के माइक्रोप्लान के अनुसार समालखा, बापौली और ददलाना क्षेत्रों में 10 लाख 34 हजार 307 लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। अभियान के तहत 2 लाख 359 घरों तक स्वास्थ्य टीमें पहुंचेंगी। इसके लिए 575 टीमों का गठन किया गया है, जिनमें 1,150 टीम सदस्य शामिल होंगे। अभियान की निगरानी के लिए 112 सुपरवाइजर, 17 मेडिकल ऑफिसर और 18 नोडल अधिकारी तैनात किए जाएंगे। उपायुक्त ने कहा कि घर-घर स्क्रीनिंग के दौरान सामने आने वाले संदिग्ध मामलों की चिकित्सकीय जांच करवाई जाए और पुष्टि होने पर संबंधित मरीज को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही मरीजों के संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों की भी जांच और आवश्यक फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान से पहले व्यापक स्तर पर जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं। सार्वजनिक घोषणाओं, स्कूलों, पंचायती राज संस्थाओं, सामुदायिक नेताओं तथा अन्य माध्यमों से लोगों को कुष्ठ रोग के लक्षणों, उपचार और बचाव के बारे में जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को यह संदेश दिया जाए कि कुष्ठ रोग इलाज योग्य है और समय पर उपचार मिलने पर मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।
उपायुक्त ने कहा कि बीमारी को छिपाने अथवा मरीज के साथ भेदभाव करने के बजाय उसे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचाने में सहयोग किया जाना चाहिए। बैठक में उपायुक्त ने श्रम विभाग को फैक्ट्रियों, ईंट-भ_ों और अन्य कार्यस्थलों पर स्वास्थ्य टीमों को स्क्रीनिंग के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। नगर निकाय, जिला परिषद एवं पंचायत विभाग को गांवों और शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से अभियान की जानकारी देने को कहा गया।
शिक्षा विभाग को सरकारी एवं निजी विद्यालयों में स्वास्थ्य टीमों को आवश्यक सहयोग देने तथा स्क्रीनिंग गतिविधियों में समन्वय करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने निजी चिकित्सकों, आईएमए और त्वचा रोग विशेषज्ञों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में कुष्ठ रोग के संदिग्ध मामले सामने आने पर उनकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी जाए, ताकि मरीज की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा, कुष्ठ रोग की पहचान और उपचार में देरी किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। इसलिए एलसीडीसी अभियान को पूरी गंभीरता से चलाया जाए। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाए। किसी भी स्तर पर खानापूर्ति स्वीकार नहीं होगी। हमारा प्रयास होना चाहिए कि बीमारी के प्रत्येक संदिग्ध मामले की समय पर पहचान हो, मरीज को उचित उपचार मिले और उसे विकलांगता से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जागरूकता, समय पर जांच और प्रभावी उपचार के माध्यम से जिले में कुष्ठ रोग के मामलों को नियंत्रित किया जाए और लोगों में इस बीमारी को लेकर किसी भी प्रकार का भय या सामाजिक भेदभाव न रहे। इस मौके पर एसडीएम मनदीप कुमार एसडीएम समालखा अमित कुमार एसडीएम इसराना नवदीप नैन, सीईओ डॉ किरण, सीएमओ विजय मलिक के अलावा विभिन्न विभागों से अधिकारी मौजूद रहे।

Comments