Wednesday, September 2, 2026
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पानीपत का अग्रवाल समाज श्याम बाबा चुलकाना धाम के लिए किसी प्रचार या प्रसार का मोहताज नहीं है : अतुल गुप्ता

By LALIT SHARMA , in RELIGIOUS , at September 2, 2026 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : अग्रवाल समाज के बच्चे बच्चे में श्याम बाबा की भक्ति कूट-कूट कर भरी है उक्त विचार अग्रवाल संगठन के उप प्रधान अतुल गुप्ता ने कहे वह अग्रवाल संगठन द्वारा आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी के प्रचार कार्यक्रम का आगाज कर रहे थे अतुल गुप्ता ने कहा कि पानीपत का अग्रवाल समाज श्याम बाबा चुलकाना धाम के लिए किसी प्रचार या प्रसार का मोहताज नहीं है यहां का बच्चा-बच्चा श्याम बाबा की भक्ति से भरपूर है अग्रवाल संगठन के ट्रस्टी हरीश बंसल ने कहा कि जिन घरों के बुजुर्गों ने अभी तक शुरू करना धाम में श्याम बाबा के दर्शन नहीं किए हैं हमारा सजा प्राण है कि हम उन्हें भी दर्शन करवा तथा अपने आने वाले मेहमानों को भी चुलकाना धाम के दर्शन अवश्य करवा अग्रवाल संगठन के अध्यक्ष विकास गोयल एवं कोषाध्यक्ष संजय गोयल ने कहा कि पानीपत अग्रवाल संगठन के हर सदस्य के घर तक इस जन्माष्टमी पर श्याम बाबा की कृपा का प्रसाद पहुंचे इसलिए आज यह कार्यक्रम चुलकाना धाम में आयोजित किया गया है इस जन्माष्टमी पर बाबा श्याम का मोर पंख बाबा श्याम का इत्र एवं बाबा श्याम का पंजीरी का प्रसाद वह अन्य प्रसाद अग्रवाल संगठन के हर सदस्य के घर पर पहुंचाया जाएगा आज उसे प्रसाद का पूजन चुलकाना धाम के प्रसिद्ध पुजारी श्री हवा सिंह जी ने

पौराणिक इतिहास और महत्व

​महाभारत काल में यह स्थान पीपल के पत्तों वाले ऐतिहासिक प्रसंग और शीश दान के साक्षी के रूप में जाना जाता है:
​शीश दान की भूमि: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत युद्ध से पूर्व जब भगवान श्रीकृष्ण ब्राह्मण का रूप धारण कर घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक की परीक्षा लेने आए, तो इसी पावन भूमि पर बर्बरीक ने उनसे अपना शीश दान में दिया था।
​पीपल वृक्ष का चमत्कार: भगवान श्रीकृष्ण ने बर्बरीक की धनुर्विद्या देखने के लिए एक ही बाण से पीपल के सभी पत्तों में छेद करने को कहा था। माना जाता है कि आज भी मंदिर परिसर में मौजूद पीपल के वृक्ष के पत्तों में सुराख दिखाई देते हैं।
​हारे का सहारा: शीश दान देने के बाद श्री कृष्ण ने बर्बरीक को कलयुग में अपने नाम “श्याम” से पूजे जाने का वरदान दिया और उन्हें “हारे का सहारा” कहा गया।
​भक्ति परंपराएं और दर्शन
​एकादशी मेला: प्रत्येक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी और विशेष रूप से फाल्गुन माह की एकादशी को यहाँ भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें लाखों भक्त दर्शन हेतु पहुँचते हैं।
​निशान यात्रा: श्रद्धालु बाबा श्याम को प्रसन्न करने के लिए समालखा से चुलकाना धाम तक पैदल निशान (धर्म ध्वज) यात्रा निकालते हैं।
​मनोकामना पूर्ति: मान्यता है कि चुलकाना धाम में सच्चे मन से लगाई गई अर्जी कभी खाली नहीं जाती और बाबा श्याम अपने भक्तों के सभी कष्ट दूर करते हैं। इस अवसर पर सचिव मनीष गोयल उपादान अनिल गर्ग रामनिवास सिंगला मुकेश गर्ग कश्मीरी लाल अश्विनी कुमार सिंगला जोगिंदर कुमार बलदेव कुमार आदि मौजूद रहे

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