श्री प्रेम मन्दिर पानीपत का 102वाँ वार्षिक प्रेम सम्मेलन – रक्तदान शिविर में जिला रेडक्रॉस पानीपत के सहयोग से 45 यूनिट रक्त एकत्र हुआ
BOL PANIPAT : (10 फरवरी) श्री प्रेम मन्दिर पानीपत का 102वाँ वार्षिक प्रेम सम्मेलन परम पूज्य श्री श्री 1008 श्री मदन मोहन जी हरमिलाप मिशन हरिद्वार की अध्यक्षता में एवं श्री प्रेम मन्दिर पानीपत की परमाध्यक्षा परम पूज्या श्री श्री 108 श्री कान्ता देवी जी महाराज के संयुक्त तत्वावधान में प्रारंभ हुआ। आज सम्मेलन का पहला सत्र रक्तदान शिविर एवं सुन्दरकाण्ड के पाठ से शुरू हुआ। इस रक्तदान शिविर में जिला रेडक्रॉस पानीपत के सहयोग से 45 यूनिट रक्त एकत्र हुआ। इसके साथ श्री प्रेम मन्दिर के बाल सेवादारों ने परम पूज्या श्री श्री 1008 श्री शान्ति देवी जी महाराज गुरूदेव प्रथम के जीवन वृतान्त को रंगमंच पर प्रस्तुत किया। जिसे देख कर संगत बहुत ही भावुक हुई।
सायंकाल के सत्र में पधारे भारत के महान संतों ने वर्तमान समय में सनातन धर्म के महत्व को बताया कि इसके अनुसरण से केवल धर्म का प्रचार ही नहीं अपितु जीवन जीने की कला का सरल एवं सुगम मार्ग और कोई नहीं हो सकता। यही श्री प्रेम मन्दिर का भी लक्ष्य है। जीवन में सेवा के बिना भक्ति अधूरी होती है। सेवा किसी भी जीव की हो सकती है। सेवा के साथ साथ सिमरन से मानव जन्म सार्थक हो सकता है। श्री प्रेम मन्दिर का पंचशील सेवा सिमरन संयम सत्संग व सादगी है। समाज के परमार्थ व कल्याण में भी किसी भी प्रकार के दायित्व को निभाने में मन्दिर पीछे नहीं रहता। अनाथों की सेवा तथा स्त्री समाज के उत्थान में विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में बच्चों की शिक्षा आदि की सेवा चलती रहती है।
प्रेम का मन्दिर है प्रेम का स्थान है, प्रेम से जो जीव आवे उसका ही कल्याण है।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों को दूर करना व समाज को सुन्दर जीवन की कला को सिखाना है।
इस आयोजन में दिल्ली, झज्जर, बहादुरगढ़, लुधियाना, कैथल, सोनीपत से आए हुए सेवकों ने भाग लिया।

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