Thursday, September 10, 2026
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पिता की याद में हर वर्ष सेवा का संकल्प, इस बार बच्चों को दिखाई गई ‘हनुमान अंश’- कंचन सागर

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at September 10, 2026 Tags: , , ,

BOL PANIPAT । किसी अपने को खोने का दर्द समय के साथ कम नहीं होता, बल्कि उसकी यादें जीवन का हिस्सा बन जाती हैं। इन्हीं यादों को समाजसेवा का माध्यम बनाकर डॉ. कंचन सागर पिछले कई वर्षों से अपने पिताजी की पुण्यतिथि पर जनहित से जुड़ा कोई न कोई प्रकल्प करती आ रही हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनके पिताजी की 16वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 10 सितंबर को ‘हनुमान अंश’ फिल्म का विशेष शो आयोजित किया जा रहा है।

पिताजी की पुण्यतिथि 11 सितंबर को है, लेकिन उस दिन कार्यक्रम संभव न होने के कारण एक दिन पहले यह विशेष आयोजन किया गया है। इस अवसर पर स्कूल के बच्चे और उनकी शिक्षिकाएँ, इनर व्हील क्लब पानीपत मिडटाउन तथा नारी कल्याण समिति की सदस्याएँ फिल्म देखने के लिए एक साथ शामिल हुईं।

डॉ. कंचन सागर के लिए यह आयोजन केवल फिल्म देखने तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि बच्चों के साथ ऐसा समय बिताना, जिसमें उन्हें भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और जीवन-मूल्यों से जोड़ने का अवसर मिले, उनके पिताजी के प्रति एक सार्थक श्रद्धांजलि है। ‘हनुमान अंश’ के माध्यम से बच्चों तक साहस, श्रद्धा, सेवा और संस्कारों का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि “हमारे पिताजी की पुण्यतिथि हमारे लिए केवल उन्हें याद करने का दिन नहीं है। यह वह दिन है जब हम उनके दिए संस्कारों को अपने कर्मों के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं। इसलिए हर वर्ष उनकी स्मृति में कोई ऐसा कार्य करने की कोशिश रहती है, जिससे किसी के चेहरे पर मुस्कान आए या समाज में कोई अच्छा संदेश पहुंचे।”

इस पहल को सफल बनाने में उनके दोनों भाई, बहनों और भाभियों का भी निरंतर सहयोग रहता है। परिवार के सभी सदस्य मिलकर पिताजी की स्मृति को जीवंत रखने और उनकी पुण्यतिथि को सेवा एवं सामाजिक सरोकार से जोड़ने का प्रयास करते हैं।

इनरव्हील क्लब पानीपत मिडटाउन और नारी कल्याण समिति की सदस्याओं की सहभागिता तथा बच्चों और शिक्षिकाओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को सामूहिकता का रूप दिया। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का संदेश भी दिया गया।

डॉ. कंचन सागर का मानना है कि “रिश्ते शरीर से दूर हो सकते हैं, लेकिन संस्कार कभी दूर नहीं होते। पिताजी आज हमारे बीच नहीं हैं, पर उनके संस्कार हर उस अच्छे कार्य में हमारे साथ हैं, जो हम समाज के लिए करते हैं।”

पिताजी की 16वीं पुण्यतिथि पर आयोजित यह विशेष कार्यक्रम उनके प्रति श्रद्धा, परिवार के स्नेह और समाज के प्रति ज़िम्मेदारी —तीनों का सुंदर संगम है।
इस अवसर पर इन्नरव्हील क्लब पानीपत मिडटाउन की प्रधान ज्योत्सना गर्ग ने कहा कि बच्चों को धार्मिक मूवी दिखाकर उनको सुसंस्कृत करने का प्रयास है। माता सीता रानी सेवा संस्था की प्रधान श्रीमती कृष्णा कान्ता ने भी इस प्रोजेक्ट की भूरि-भूरि सराहना की।

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