प्रतिभा खोज कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में नृत्य, व गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।
BOL PANIPAT : पानीपत के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान आई बी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सांस्कृतिक समिति की संयोजिका डॉ किरण मदान एवं समन्वयक कनक शर्मा के निर्देशन में दो दिवसीय प्रतिभा खोज कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में नृत्य, व गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवक विभु पालीवाल रहे | कार्यक्रम का शुभारंभ विभु पालीवाल, महाविद्यालय प्रबंधन समिति के महासचिव एल एन मिगलानी, उपप्रधान आई. बी. (एल.) एजुकेशनल सोसाइटी, परम वीर ढींगरा, आई बी. एल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक एवं सदस्य कॉलेज गवर्निंग बॉडी युधिष्ठिर मिगलानी, प्राचार्य डॉ सतवीर सिंह,उप प्राचार्या डॉ शशि प्रभा, डॉ किरण मदान, डॉ सुनित शर्मा,डॉ पूनम मदान,डॉ निधान सिंह, कनक शर्मा द्वारा दीपप्रज्वलन व अतिथियों को तुलसी का पौधा भेंट करके किया गया । इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन किया । गायन व नृत्य विधाओं में छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसमें शास्त्रीय, लोक और फिल्मी गीतों पर आधारित प्रस्तुतियां शामिल थीं। अपने संबोधन में विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए श्री पालीवाल ने मुख्य रूप से तीन बातों पर जोर दिया:
पहला, स्वरोजगार की ओर कदम: उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल नौकरी पाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि स्वरोजगार (Self-Employment) के लिए पढ़ाई करनी चाहिए। दूसरा, गौरवशाली इतिहास से जुड़ाव: उन्होंने शिक्षकगणों से विशेष आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को भारत के समृद्ध इतिहास और शास्त्रों से रूबरू कराएं। तीसरा, आत्मविश्वास और समानता: विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाते हुए उन्होंने कहा कि आप किसी से कम नहीं हैं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने अपने ओजस्वी शब्दों और एक प्रेरक कविता के माध्यम से विद्यार्थियों में नया जोश भरा। इस प्रेरक संबोधन ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों के मन में एक नई ऊर्जा का संचार किया।
कॉलेज प्रबंधन समिति के महासचिव एल. एन. मिगलानी ने अपने संबोधन में बताया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संगठन-भावना एवं रचनात्मकता का विकास है और उनके सर्वांगीण विकास में सहायता मिलती है | महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सतवीर सिंह ने अपने संबोधन में सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि “हमारे विद्यालय के छात्रों ने हमेशा सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी पहचान बनाई है। हमारे छात्र न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि सांस्कृतिक क्षेत्र में भी आगे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा दी और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया । संयोजिका डॉ किरण मदान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कि, “हुनर को यदि सही मौका मिल जाए, तो सच में कमाल हो जाता है। किसी भी क्षेत्र में की गई एक छोटी सी कोशिश भी बड़ा परिणाम ला सकती है।” उन्होंने जीवन में डर को पीछे छोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि जो लोग असफल होने के डर से अपने कदम रोक लेते हैं, वे हमेशा पीछे रह जाते हैं। इसके विपरीत, जो निरंतर प्रयास करते हैं, वे हर बाधा को पार कर आगे निकल जाते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा को निखारने और पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी प्रस्तुति देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपनी बात को विराम देते हुए एक बहुत ही सुंदर पंक्ति कही— “दर्शक दिल खोलकर तालियां बजाएं, क्योंकि जब हुनर मंच पर आता है, तो हर दिल मुस्कुराता है।” गायन प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ निधान सिंह, डॉ विक्रम कुमार, डॉ मोनिका वर्मा ने निभाई | वहीं नृत्य प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. शशि प्रभा,डॉ. सुनित शर्मा, डॉ अर्पणा गर्ग ने निष्पक्ष व तटस्थ भूमिका निभाई । माधवी एवं डॉ अंजलि ने समाचार विज्ञप्ति सज्ज की ।डॉ निर्मला एवं डॉ. ज्योति गहलोत ने मंच संचालन किया।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे : –
गायन प्रतियोगिता :
प्रथम – तुषार
द्वितीय – सुधीर
तृतीय – केशव
नृत्य प्रतियोगिता:
प्रथम- सुजल
द्वितीय – ईशा नांदल
तृतीय – प्रिया यादव/पल्लवी
विजेता छात्र- छात्राओं को नक़द राशि व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में डॉ गुरनाम सिंह, सोनिया, डॉ पवन कुमार,डॉ सीमा, अजयपाल सिंह,डॉ सुनीता रानी, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. निधि, डॉ. शर्मीला यादव, डॉ. जोगेश, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. चेतना नरूला, डॉ. स्वाति पुनिया, डॉ. हिमांशी, खुशबू, डॉ. नेहा पुनिया, डॉ. पूनम गुप्ता, संगीता, डॉ. नरवीर समेत सभी शिक्षक और गैर शिक्षक सदस्य उपस्थित रहे एवं सभी ने सक्रिय भूमिका वहन कर कार्यक्रम को सफल एवं सुखद बनाया।

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