अन्तरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस पर स्वास्थ्य और सम्मान का संदेश, दर्द निवारक तेल वितरित
BOL PANIPAT : अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर इनरव्हील क्लब पानीपत मिडटाउन की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों को दर्द निवारक तेल वितरित किया गया, जिसमें सहयोग प्रसिद्ध समाजसेवी कमल भाटिया और उनकी धर्मपत्नी रेणु भाटिया ने दिया।
उन्होंने कहा कि जिस घर में बुजुर्गों की मुस्कुराहट होती है, उस घर में साक्षात भगवान का वास होता है।
”झुर्रियां चेहरे की बयां करती हैं तजुर्बा जिंदगी का,
ये वो पेड़ हैं जो फल न भी दें, तो छाँव ज़रूर देते हैं।”
इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों के साथ आत्मीय संवाद करते हुए उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को लेकर परामर्श भी दिया गया। उन्हें तनाव, अकेलेपन और नकारात्मक विचारों से दूर रहने तथा स्वयं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़कर सक्रिय एवं सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। छोटी-छोटी प्रेरक कहानियों और जीवन से जुड़े संस्मरणों के माध्यम से उनका उत्साहवर्धन किया गया।
प्रेरक वक्ता मोनिका सलूजा ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें मानसिक तनाव से बचने, अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उनकी सहज एवं आत्मीय बातचीत ने वरिष्ठ नागरिकों को भावनात्मक संबल प्रदान किया। इस सहयोग के लिए क्लब की ओर से उनका विशेष आभार व्यक्त किया गया।
क्लब की प्रधान ज्योत्सना गर्ग ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके पास जीवन का विशाल अनुभव और ज्ञान है। हमारा प्रयास है कि उन्हें केवल स्वास्थ्य संबंधी सहायता ही न मिले, बल्कि वे स्वयं को परिवार और समाज से जुड़ा हुआ तथा सम्मानित महसूस करें। उन्होंने कहा कि नियमित संवाद और अपनापन वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा ला सकता है।
चार्टर प्रेसिडेंट कंचन सागर और ज़ोन नौ की ज़ोनल क्लब कोर्डिनेटर डॉ.अनु कालड़ा ने कहा कि इमारत कितनी भी ऊँची और आधुनिक क्यों न हो, वह टिकती अपनी मज़बूत नींव की वजह से ही है। हमारे बुजुर्ग हमारे समाज की वही मजबूत नींव हैं। उम्र जीवन का एक पड़ाव है, रुकावट नहीं। वरिष्ठ नागरिकों को अपने अनुभवों और प्रतिभाओं के साथ सक्रिय जीवन जीते रहना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि समाज की ज़िम्मेदारी है कि वह वरिष्ठ नागरिकों को समय, सम्मान और भावनात्मक सहयोग दे, ताकि वे अकेलेपन और नकारात्मकता से दूर रहकर खुशहाल जीवन जी सकें।
कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य-सहायता के साथ भावनात्मक संबल, सम्मान और अपनापन प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और प्रेरक संवाद में उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि वरिष्ठ नागरिकों की मुस्कान और उनका अनुभव समाज की अनमोल पूंजी है।
इस अवसर पर साँझी सागर, रजनी बेनीवाल, सरोज आहुजा, सुमन शिंगला, राज नन्दा, नीलम मेहता, सुनीता गुलाटी, रश्मि अखोरी, समीक्षा सेठी, डॉ.कुंजल प्रतिष्ठा, सिमरन गिरधर, ज्योतिका सक्सेना,डॉ. नीतिका, सन्तोष , अंजु आदि उपस्थित थे।

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