मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में तेजी लाएं अधिकारी, लंबित मामलों का प्राथमिकता से करें निपटान: मंडल आयुक्त हेमा शर्मा
मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध, प्रत्येक लंबित प्रकरण की होगी गंभीरता से जांच: उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी
विशेष गहन पुनरीक्षण की हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने की समीक्षा
समयबद्ध कार्य पूरा करने के दिए निर्देश
मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तैयारियों में न बरतें कोई ढिलाई
BOL PANIPAT , 15 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के उपायुक्तों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विधानसभा क्षेत्रवार कार्यों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से जुड़ी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनरीक्षण से संबंधित सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं और लंबित मामलों के निपटान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
मंडल आयुक्त हेमा शर्मा ने समीक्षा के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध और त्रुटिरहित होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है। इसलिए अधिकारी प्रत्येक लंबित प्रकरण की गंभीरता से जांच करें और नियमानुसार उसका समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न स्तरों पर लंबित कार्यों की नियमित निगरानी की जाए, ताकि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरी हो सके। उन्होंने इस संदर्भ में कई जगह का दौरा भी कर स्थिति जानी।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बैठक में जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन इस कार्य को गंभीरता से कर रहा है और लंबित मामलों के निपटान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है। इसकी शुद्धता सुनिश्चित करना निर्वाचन विभाग के साथ-साथ प्रशासन की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण की तथ्यों के आधार पर जांच की जाए, पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आने दी जाए और अपात्र प्रविष्टियों से संबंधित मामलों का नियमानुसार निपटान किया जाए।
उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त दावों और आपत्तियों का पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जाए। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और लंबित मामलों की लगातार समीक्षा करते रहें, ताकि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा सकें। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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