Monday, April 20, 2026
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“मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण अभियान का विषय  कार्यों के माध्यम से आशा पैदा करना” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at September 14, 2023 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : स्थानीय आई. बी. (पीजी) महाविद्यालय में  यूथ रेड क्रॉस क्लब, रेड रिबन क्लब, बायोलॉजिकल एसोसिएशन और डिस्ट्रिक्ट मेंटल हेल्थ प्रोग्राम यूनिट सिविल हॉस्पिटल, पानीपत के संयुक्त तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय आत्महत्या सप्ताह-2023 के अवसर पर “मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण अभियान का विषय  कार्यों के माध्यम से आशा पैदा करना” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज उपप्राचार्या प्रो. रंजना शर्मा , यूथ रेड क्रॉस क्लब की संयोजिका प्रो. सोनिया और रेड रिबन क्लब व बायोलॉजिकल एसोसिएशन के संयोजक प्रो. पवन कुमार ने डिस्ट्रिक्ट मेंटल हेल्थ प्रोग्राम यूनिट  के सभी सदस्य श्री विनोद कुमार, मानसिक रोग सोशल वर्कर, रवि कुमार मनोविज्ञान, संगीता व पूनम का  तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया | विनोद कुमार ने अपने व्याख्यान में विद्यार्थियों को डिप्रेशन, स्ट्रेस व मनोग्रसित-बाध्यता विकार (ओसीडी)  के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया और कहा कि आत्महत्या को रोकने के लिए विश्वव्यापी प्रतिबद्धता और कार्रवाई प्रदान करने के लिए हर साल 10 सितंबर को मनाया जाता है।  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति अपनी जान ले लेता है। यह दुनिया भर में हर साल लगभग 800,000 लोगों की एक चौंका देने वाली संख्या है | आत्महत्या 15 से 29 वर्ष की आयु के लोगों की मृत्यु का प्रमुख कारण है |  आज दुनियाभर में सुसाइड बड़ी समस्या बनती नजर आ रही है | सपने संजोए छात्र छोटी उम्र में सुसाइड जैसा जानलेवा कदम उठा रहे हैं | आत्महत्या दूरगामी सामाजिक, भावनात्मक और आर्थिक परिणामों वाली एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है | अनुमान है कि वर्तमान में दुनियाभर में हर साल लाख से ज्यादा आत्महत्याएं होती हैं, और हम जानते हैं कि प्रत्येक आत्महत्या कई और लोगों को भी प्रभावित कर सकती है | उन्होंने बताया कि अगर किसी विद्यार्थी को सहायता की जरूरत है तो वे कमरा नंबर 40 सिविल हस्पताल पानीपत में संपर्क कर सकते हैं | उपप्राचार्या ने कहा कि सभी लिंग, उम्र और जाति के व्यक्तियों को आत्महत्या का खतरा हो सकता है, लेकिन आत्महत्या के लिए कुछ विशिष्ट जोखिम कारक भी हैं। अवसाद, अन्य मानसिक विकार, या मादक द्रव्यों के सेवन संबंधी विकार। इन बीमारियों का इलाज होने पर आत्महत्या का जोखिम नाटकीय रूप से कम हो जाता है। इसलिए मनोरोगों का इलाज करना बहुत जरूरी है। यूथ रेड क्रॉस क्लब की संयोजिका प्रो. सोनिया ने कहा कि डिप्रेशन एक बीमारी है और इसका इलाज किया जा सकता है। डिप्रेशन होने पर उदासी छा जाती है| इसलिए जब डिप्रेशन के लक्षण नजर आये तो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए | रेड रिबन क्लब व बायोलॉजिकल एसोसिएशन के संयोजक प्रो. पवन कुमार ने कहा कि डिप्रेशन और स्ट्रेस को हम फिजिकल एक्सरसाइज, मैडिटेशन, शुद्ध आहार,  नियमित नींद व अपने नकारात्मक विचार परिवार के साथ साँझा कर खत्म कर सकते हैं |इसमें 150 विद्यार्थियों ने व्याख्यान का लाभ उठाया और 15  बच्चों को प्रश्नात्मक प्रतियोगिता के द्वारा पुरस्कृत किया गया | डिस्ट्रिक्ट मेंटल हेल्थ प्रोग्राम यूनिट सिविल हॉस्पिटल, पानीपत की टीम को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया | मंच का संचालन डॉ. स्नेहा बरेजा ने किया | इस अवसर पर प्रो. कनक शर्मा, प्रो. राजेश, प्रो. अश्वनी गुप्ता, प्रो. अन्जुश्री, प्रो. रजनी, प्रो. कीर्ति व राममेहर शर्मा मौजूद रहे |

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