चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर कर जिला विकास एवं पंचायत विभाग के खाते से 84 लाख 49 हजार 868 रूपए गबन करने के मामले में विभाग का अकाउंटेंट व एसओ गिरफ्तार.
-गबन की उक्त पूरी राशि ब्याज सहित आरोपियों द्वारा पहले ही विभाग में जमा करवाई जा चुकी है.
BOL PANIPAT : 06 अक्तूबर 2023, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय धर्मबीर खर्ब ने बताया कि पानीपत जिला विकास एवं पंचायत विभाग में तैनात कार्यकारी अभियंता संजीव कुमार ने मई 2021 में थाना माडल टाउन में शिकायत देकर बताया था कि कार्यालय की लेखा शाखा का प्रारंभिक अवलोकन करने पर 49 लाख 55 हजार 623 रूपए का गबन होना पाया गया है। गांव अटावला के संजय व नीरज ने जाली हस्ताक्षर कर विभाग के सरकारी खाते से अपने खाते में उक्त राशि स्थानांतरित करवा ली। बैंक में जमा चेक पर किये हस्ताक्षर भिन्न है। बैंक ने भी चेक के हस्ताक्षर का मिलान किए बगैर राशि स्थानांतरित कर दी गई। शिकायत पर नामजद के खिलाफ थाना माडल टाउन में धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी।

उप पुलिस अधीक्षक धर्मबीर खर्ब ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच करते हुए नामजद आरोपी नीरज पुत्र बाबूराम निवासी अटावला को जनवरी 2022 में गिरफ्तार कर पूछताछ की तो आरोपी ने विभाग के अकाउंटेंट सुरेश लाठर व एसओ हरिश के साथ मिलकर उक्त राशि गबन करने की वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा किया था।
पूछताछ में आरोपी नीरज ने पुलिस को बताया था कि उसके पिता बाबू राम के नाम बीएम कंस्ट्रक्शन नाम से फर्म रजिस्टर्ड है। वर्ष 2018 से वह पिता की फर्म के नाम से जिला विकाश एंव पंचायत विभाग से ठेके लेकर काम कर रहा है। इस दौरान विभाग के अकाउंटेंट सुरेश लाठर व एसओ हरिश के साथ उसकी जान पहचान हो गई । मई 2020 में अकाउंटेंट सुरेश लाठर ने कहा की विभाग की अलग अलग स्कीम में काफी पैसा पड़ा हुआ है। उसके खाते में चेक से पैसे डलवा देगा उक्त पैसे निकलवाकर उनकों नकद दे देना। वह इसके लिए तैयार हो गया और बदले में अपने कमीशन की बात की तो अकाउंटेंट सुरेश लाठर ने कहा अपनी फर्म का उतनी ही रकम का बिल दे देना वह उसको 8 प्रतिशत कमीशन दे देंगे। मई 2020 से अप्रैल 2021 के बीच अकाउंटेंट सुरेश लाठर व एसओ हरिश ने उसको विभाग के कुल 84 लाख 49 हजार 868 रूपए राशि के 8 चेक अलग-अलग तारिख में फर्जी हस्ताक्षकर कर दिए। उसने लेबर का ठेका लेने वाले ठेकेदार के खातों में चेक लगाकर पैसे निकलवा लिए और अपना 8 प्रतिशत कमीशन रखकर बाकी सारे दोनों को वापिस दे दिए थे। पूछताछ में बाद पुलिस ने आरोपी नीरज को माननीय न्यायाल में पेश किया जहा से उसे न्यायिक हिरासत जेल भेजने के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमें में करप्शन की धारा इजाद कर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी।
उप पुलिस अधीक्षक धर्मबीर खर्ब ने बताया कि पुलिस ने रिकार्ड की सघंन जांच करते हुए वीरवार देर शाम आरोपी अकाउंटेंट सुरेश लाठर निवासी गन्नौर को पानीपत माडल टाउन से व एसओ हरिश कुमार निवासी करनाल को करनाल से गिरफ्तार कर पूछताछ की तो आरोपियों ने मामले में गिरफ्तार हो चुके अपने साथी आरोपी ठेकेदार नीरज के साथ मिलकर विभाग के बैंक चेक पर एक्सईन के फर्जी हस्ताक्षर कर विभाग से उक्त राशि गबन करने की वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा।
उप पुलिस अधीक्षक धर्मबीर खर्ब ने बताया कि आरोपियों ने गबन की पूरी राशि ब्याज सहित उक्त मुकदमा दर्ज होने के कुछ दिन बाद ही विभाग में जमा करवा दी थी।
पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद शुक्रवार को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उन्हे न्यायिक हिरासत जेल भेजा गया।

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