मानसून से पहले एक्शन मोड में प्रशासन, नालों की सफाई में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
जलभराव मुक्त पानीपत के लिए विशेष अभियान, नालों की सफाई और निकासी व्यवस्था पर उपायुक्त की कड़ी नजर
बारिश में कहीं पानी नहीं रुकना चाहिए, उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मानसून की तैयारियों की समीक्षा, नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश
BOL PANIPAT , 16 जून। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि मानसून से पहले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बारिश के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ कार्य करें।
जिला सचिवालय सभागार में मंगलवार को आयोजित बैठक में उपायुक्त ने आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सभी बड़े व छोटे नालों की सफाई अभियान मोड में पूरी की जाए ताकि वर्षा जल की निकासी बिना किसी बाधा के हो सके।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि मानसून के दौरान जिले के किसी भी हिस्से में जलभराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए। नालों में गाद, कचरा और अवरोधों को तत्काल हटाया जाए तथा सफाई कार्य की नियमित निगरानी की जाए। इस कार्य में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें। जिन क्षेत्रों में पूर्व वर्षों में जलभराव की शिकायतें सामने आई हैं, वहां विशेष निगरानी रखते हुए पहले से आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि नालों की समयबद्ध सफाई और जल निकासी तंत्र को मजबूत बनाकर ही बरसात के दौरान लोगों को राहत दी जा सकती है। नगर निगम, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पंचायत विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा करें।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल समस्या आने पर समाधान करना नहीं, बल्कि संभावित समस्याओं को पहले ही रोकना है। इसी सोच के तहत मानसून से पूर्व व्यापक तैयारियां की जा रही हैं ताकि नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नालों, ड्रेनों, तालाबों और अन्य जल निकासी स्रोतों की स्थिति पर लगातार नजर रखें तथा जहां भी अवरोध या तकनीकी समस्या हो, उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में सीईओ डॉ किरण, नगराधीश टीनू पोसवाल, डीडीपीओ राजेश शर्मा, बीडीपीओ शक्ति सिंह , शीतल, पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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