समीक्षा बैठक उपरांत पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार अग्रवाल (आईपीएस) ने पत्रकारों के साथ बातचीत की।
28 अगस्त 2022, पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार अग्रवाल (आईपीएस) ने रविवार 28 अगस्त को पानीपत लघु सचिवालय में स्थित पुलिस विभाग के सभागार में करनाल रेंज के पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध, कानून एवं व्यवस्था की समीक्षा बैठक उपरांत पत्रकारों के साथ बातचीत की।
उन्होंने कहा कि आज यहां बैठक में करनाल रेंज के सभी पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध , नशा, प्रशासनिक मुददों, कानून व्यवस्था पर चर्चा कर सभी मामलों की समीक्षा की । इस दौरान कुछ ऐसे मुद्दे भी सामने आये जहां हमे और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता हैं। उनको चिन्हित कर एक कार्य योजना तैयार की है । महिला विरुद्ध अपराध के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि महिला विरुद्ध अपराध में त्वरित और सख्त कार्रवाई करना हमारा हमारी प्रतिबद्धता है। कम्युनिटी पोलिसिंग के बारे में उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बहुत आवश्यक है। कम्युनिटी पोलिसिंग के जरिये हमे नागरिको की पुलिस के बारे में क्या धारणा है इसे जानने का मौका मिलता है और नागरिको में पुलिस की विश्वसनीयता बनती है पुलिस जनता की सेवक है। हमने कम्युनिटी पोलिसिंग पर बहुत ध्यान दिया है।
पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार अग्रवाल (आईपीएस) ने कहा कि हरियाणा पुलिस नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। हर थाना व चौकी अपने क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चला रही है। इसके साथ हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल सैल का गठन किया गया है। इसका मुख्यालय मधुबन में है।
पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार अग्रवाल (आईपीएस) ने कहा कि एनसीबी लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाती है। नशे की गिरफ़्त में आए लोगों को नशा छुड़वा कर मुख्यधारा में शामिल किया जा रहा है। इसके साथ नशा तस्करी की चैन को तोड़ते हुए मुख्य सप्लायरों तक भी पुलिस पहुंच रही है। उड़ीसा, तेलंगाना और मध्य प्रदेश से कई मुख्य सप्लायरों को हरियाणा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इस धंधे में लिप्त तस्करों की संपत्ति भी अटेच की जा रही है। प्रदेश में पिछले दिनों करीब 33 करोड़ रूपए की संपत्ति अटेच की जा चुकी है वहीं करीब 10 करोड़ रूपए की संपत्ति अटैच करने की कार्रवाही अमल में लाई जा रही है। इस पर जल्द ही आगामी कार्रवाही की जाएगी।

पुलिस महानिदेशक ने कहा की आज हर व्यक्ति पैसे का लेनदेने ऑनलाईन करता है। इस दौरान उनके साथ ठगी के मामले पुलिस के सामने लगातार आ रहे है। पुलिस ने इन मामलों को निपटाने के लिए साइबर क्राइम थाने खोले जा रहे है। प्रदेश के कई जिलो में इन थानों का शुभारंम्भ किया जा चुका है। कुछ में कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के प्रत्येक थाना स्तर पर साईबर हैल्प डेस्क की स्थापना की गई है। पुलिस ने ठगी के कई बड़े मामलों में उपलब्धि हासिल की है। इस प्रकार के मामलों में लोगों को भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अपने मोबाइल पर आए किसी भी अंजान नंबर पर अपना ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें।

थाना चौकी में पुलिसकर्मियों द्वारा आत्महत्या करने की बढती घटनाओ के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में डीजीपी हरियाणा प्रशांत कुमार अग्रवाल ने कहा कि हमारे लिए यह गंभीर समस्या एवं एक कड़ी चुनौती है। पुलिस का वर्किंग हॉर्स बहुत ज्यादा होता है। दिन-रात 24 घंटे पर्व त्योहारों के दौरान व परिवार से दूर रहकर पुलिस कर्मी काम करते हैं। कई बार कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करते रहने से कर्मी अवसाद व तनाव के शिकार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मी पर अपराधियों को पकड़ने, कानून व्यवस्था को बनाये रखने, दिन रात ड्यूटी करने का प्रेशर रहा है। तनाव से निपटने के लिए व माहौल को हल्का बनाये रखने के लिए योगा, मेडिटेशन जैसे शिविरों का आयोजन समय समय पर किया जाता है।हम प्रयासरत हैं कि ऐसी परिस्थिति न आये कि किसी भी पुलिसकर्मी को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़े। साईकेट्रिस्ट व मेन्टल हेल्थ काउंसलर की सेवाएं लेने के विषय में प्रपोजल बना कर भेजा जा चुका है। प्रपोजल मंजूर होने के बाद साइकेट्रिस्ट व काउंसलर को नियुक्त किया जाएगा व सेमिनार लगाकर पुलिस कर्मियों की मानसिक स्थिति को दुरुस्त रखने के बारे में टिप्स दिए जाएंगे। जो पुलिसकर्मी अवसाद ग्रस्त हैं उन्हें साइकेट्रिस्ट के पास भेजा जाएगा ताकि वह साइकेट्रिस्ट के साथ अपनी समस्या, दुख दर्द को शेयर कर सकें व साइकेट्रिस्ट उन्हें जल्द से जल्द अवसाद और तनाव से मुक्ति दिलाने का कार्य कर सके। उन्होंने कहा कि कई बार परेशान व्यक्ति अपनी बातें अनजान व्यक्ति को शेयर नहीं कर पाता। जब मैंने चार्ज लिया था उसके बाद प्रयास किया कि हर थाने चौकी में एक समझदार व्यक्ति को आईडेंटिफाई करके उसकी ड्यूटी लगाई जाए ताकि परेशान कर्मचारी अपनी बात उस व्यक्ति के साथ शेयर कर सकें। कई बार पारिवारिक समस्या एवं व्यक्तिगत समस्या होती है। संबंधित अधिकारियों का फर्ज बनता है अपने विभाग के कर्मचारी के प्रति भलाई का कदम उठाएं।
इस मौके पर करनाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सतेंद्र कुमार गुप्ता आईपीएस व पुलिस अधीक्षक पानीपत शशांक कुमार सावन आईपीएस, पुलिस अधीक्षक करनाल गंगाराम पूनिया आईपीएस, पुलिस अधीक्षक कैथल मकसूद अहमद आईपीएस मौजूद रहे।

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