Friday, April 17, 2026
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आर्य कॉलेज में ‘विज्ञान से वैश्विक कार्रवाई तक’ विषय पर हुआ सेमीनार का आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at September 20, 2025 Tags: , , , ,

– एकजुट कार्रवाई से धरती को स्वस्थ बनाया जा सकता है – डॉ. अनिता भटनागर

BOL PANIPAT : 20 सितंबर 2025, आर्य कॉलेज के इको क्लब व प्राणीशास्त्र संगठन के संयुक्त तत्वावधान में विश्व ओजोन दिवस के उपलक्ष्य में एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्राणीशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. डॉ. अनिता भटनागर ने कार्यक्रम मे मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में पहुँचने पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. जगदीश गुप्ता ने मुख्य वक्ता का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साथ ही प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने कार्यक्रम की संयोजिका व प्राणीशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. गीतांजलि साहनी एवं सभी सदस्यों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी व विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. जगदीश गुप्ता, डॉ. अनिता भटनागर व कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. गीतांजलि साहनी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। मुख्य वक्ता डॉ. अनिता भटनागर ने इस वर्ष के विश्व ओज़ोन दिवस की थीम ‘फ्रॉम साइंस टू ग्लोबल एक्शन’ विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. जगदीश गुप्ता ने कहा कि आज दुनिया भर में विश्व ओज़ोन दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा में ओज़ोन परत की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है। इस वर्ष ओज़ोन दिवस “विज्ञान से वैश्विक कार्रवाई तक” थीम के तहत मनाया जा रहा है। यह अभियान इस बात पर ज़ोर देता है कि वैज्ञानिक निष्कर्षों को नीतिगत उपायों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में कैसे परिवर्तित किया जाता है। उन्होनें जानकारी देते हुए बताया कि विश्व ओज़ोन दिवस पर विभाग की ओर से विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं जैसे भाषण, पोस्टर मैकिंग, कविता पाठ, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, फोटोग्राफी और विडियोग्राफी आदि का आयोजन किया गया, जिसके परिणाम इस प्रकार रहें-  
भाषण प्रतियोगिता में बीए होनर्स प्रथम वर्ष की साक्षी ने प्रथम, बीएससी तृतीय वर्ष की पुष्पांजलीं ने द्वितीय व खुशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वही सांत्वना पुरस्कार बीएजेएमसी द्वितीय वर्ष के पुनीत किराड़िया ने हासिल किया।  
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में बीएससी प्रथम वर्ष की ग़ज़ल सिमर ने पहला, वंशिका राठी ने दूसरा व बीवीआईडी तृतीय वर्ष के आशीष ने तीसरा स्थान हासिल किया। वही सांत्वना पुरस्कार बीएससी तृतीय वर्ष से भव्या ने हासिल किया।  
कविता पाठ प्रतियोगिता में बीएससी प्रथम वर्ष की ईशा ने पहला, बीए प्रथम की प्रीति ने दूसरा व बीएजेएमसी द्वितीय वर्ष की श्रद्धा ने तीसरा स्थान हासिल किया। वही सांत्वना पुरस्कार बीएससी तृतीय वर्ष से दीपिका ने हासिल किया।  
बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिता में बीएससी तृतीय वर्ष की निहारिका ने पहला, बीवीटीएफडी प्रथम वर्ष की दीपांशी ने दूसरा व बीएससी द्वितीय वर्ष के आशु ने तीसरा स्थान हासिल किया। वही सांत्वना पुरस्कार बीटीटीएम प्रथम वर्ष से वंशिका राणा ने हासिल किया।
फोटोग्राफी प्रतियोगिता में बीएससी प्रथम वर्ष की ज्योति ने पहला, बीएससी द्वितीय वर्ष की सुनीता ने दूसरा व बीएससी प्रथम वर्ष की इमराना  ने तीसरा स्थान हासिल किया। वही सांत्वना पुरस्कार बीएससी द्वितीय वर्ष की खुशी ने हासिल किया।
वीडियोग्राफी प्रतियोगिता में बीएससी तृतीय वर्ष की मुस्कान मित्तल ने पहला स्थान हासिल किया।
मुख्य वक्ता डॉ. अनिता भटनागर ने अपने वक्तव्य में कहा कि हर साल विश्व ओज़ोन दिवस की एक थीम होती है, जो चुनौतियों और अपेक्षित प्रगति पर केंद्रित होती है। विश्व ओज़ोन दिवस 2025 की थीम है “विज्ञान से वैश्विक कार्रवाई तक”। यह ओज़ोन क्षरण का पता लगाने वाले वैज्ञानिक अनुसंधान से लेकर ओज़ोन परत की रक्षा के लिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल जैसी संधियों के तहत समन्वित वैश्विक कार्रवाइयों तक की यात्रा पर प्रकाश डालता है। उन्होनें बताया कि क्लोरोफ्लोरोकार्बन जैसे हानिकारक रसायनों के उपयोग को कम करके देशों ने दिखाया है कि एकजुट कार्रवाई से धरती को स्वस्थ बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रो. अनिता भटनागर व प्राचार्य प्रो. जगदीश गुप्ता नें प्राणीशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. गीतांजली साहनी की पुस्तक ‘बेसिक्स ऑफ जूलोजी’ का विमोचन भी किया।
जानकारी देते हुए कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. गीतांजलि साहनी ने बताया कि इस पुस्तक को लिखने का ध्येय राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मल्टी डिसीप्लनेरी कोर्स के तहत नॉन मेडिकल, कंप्युटर साइंस व आर्ट्स के विद्यार्थियों को अपने आस पास उपलब्ध जीव विविधता के तहत बिना रीढ़ की हड्डी के जीवों से अवगत कराना है। उन्होनें बताया कि कार्यक्रम में डॉ हरदीप द्वारा निर्देशित पर्यावरण स्किट द्वारा सूर्य की पैराबैंगनी किरणों व क्लोरो फ़्लोरो कार्बन द्वारा ओज़ोन परत के होने वाले नुकसान को दर्शाया गया।
इस अवसर पर डॉ. बलकार सिंह, डॉ अनिल वर्मा, प्रो. शिखा गर्ग, प्राध्यापिका सुदेश, पिंकी व प्राध्यापक हरदीप सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहें।

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