Wednesday, June 24, 2026
Newspaper and Magzine


केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाले कॉल और मैसेज से रहें सतर्क, एक छोटी सी गलती खाली कर सकती है आपका बैंक खाता

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at June 24, 2026 Tags: , , , , ,

बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें, सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे उपाय; एसपी भूपेंद्र सिंह आईपीएस

BOL PANIPAT , 24 जून : साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से पानीपत पुलिस ने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर हो रही साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है।

पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बताया कि साइबर ठग खुद को बैंक अधिकारी या बैंक प्रतिनिधि बताकर फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज अथवा ई-मेल भेजते हैं। वे खाताधारकों को डराते हैं कि यदि तुरंत केवाईसी अपडेट नहीं कराई गई तो उनका बैंक खाता बंद या ब्लॉक कर दिया जाएगा। कई लोग घबराहट में आकर ठगों के झांसे में फंस जाते हैं और अपनी बैंकिंग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा कर देते हैं।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बताया कि साइबर अपराधी केवाईसी अपडेट करने के बहाने बैंक खाता विवरण, यूपीआई आईडी, एटीएम कार्ड जानकारी और अन्य गोपनीय सूचनाएं हासिल कर लेते हैं। इसके बाद वे ओटीपी या अन्य सत्यापन संबंधी जानकारी लेकर खाते से रकम निकाल लेते हैं। अधिकांश मामलों में पीड़ित को ठगी का पता तब चलता है जब उसके मोबाइल पर खाते से पैसे कटने का संदेश प्राप्त होता है।

साइबर ठगी से बचने के लिए रखें इन बातों का विशेष ध्यान

  1. ऐसे कॉल या मैसेज आने पर शांत रहें, कोई जानकारी सांझा न करें।
  2. बैंक में जाकर ही केवाईसी कराए।
  3. बैंक डिटेल्स, पासवर्ड, ओटीपी या पिन किसी से भी सांझा न करें।
  4. किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।

ठगी हो जाने की स्थिति में क्या करें :
तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। www.cybercrime.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम थाना में रिपोर्ट दर्ज कराएं।

पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि कोई भी बैंक, वित्तीय संस्था या अधिकृत एजेंसी फोन पर ओटीपी, पासवर्ड अथवा यूपीआई पिन नहीं मांगती। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की जानकारी मांगता है तो समझ लें कि वह साइबर ठग हो सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जागरूक रहें, सतर्क रहें और साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी अपने परिवार व परिचितों के साथ भी साझा करें। आपकी सावधानी और समझदारी ही साइबर अपराधियों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

Comments


Leave a Reply