Thursday, April 16, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस ट्रैफिक एंड हाइवेज हरियाणा की पहल पर ब्लाक लेवल ट्रैफिक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at October 27, 2023 Tags: , , , , ,

ब्लाक लेवल-4 प्रतियोगिता में एसडी पीजी कॉलेज पानीपत, पाईट समालखा और  आर्य आदर्श महिला महाविधालय समालखा ने जीत दर्ज कर किया जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई

जिस भी देश का युवा अनुशासित होगा उस देश को प्रगति करने से कोई नहीं रोक सकता: सुरेश कुमार डिप्टी एसपी 

BOL PANIPAT , 27 अक्टूबर.        

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस ट्रैफिक एंड हाइवेज हरियाणा की पहल पर और कॉलेज एनएसएस यूनिट्स की देख-रेख में ब्लाक लेवल-4 ट्रैफिक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें पानीपत के पांच ब्लाक में से तीन ब्लाक के महाविधालयों की टीमों ने हिस्सा लिया । प्रतियोगिता में एसडी पीजी कॉलेज पानीपत, वैश कन्या महाविधालय समालखा और ने जीत दर्ज कर जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया । इनके अलावा प्रतियोगिता में समालखा ब्लाक से पाईट समालखा, पानीपत ब्लाक से आईबी कॉलेज, आर्य स्नातकोत्तर कॉलेज एवं जीडीआर कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन और मतलौडा ब्लाक से राजकीय महिला महाविधालय एवं आर्य आदर्श महिला महाविधालय की टीमों ने हिस्सा लिया । प्रतियोगिता डिप्टी एसपी सुरेश कुमार के सानिध्य में आयोजित की गई । सब इंस्पेक्टर राम निवास ट्रेफिक पुलिस (ईस्ट), एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग, डॉ एसके वर्मा और प्रो मनोज कुमार ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सक्रीय हिस्सा लिया । प्रतियोगिता में ट्रैफिक नियमों पर आधारित लिखित प्रश्न पूछे गये और जिन टीमों के विद्यार्थियों ने सबसे अधिक सही जवाब दिए उन्हें विजेता घोषित किया गया । प्रतिभागियों को लिखित प्रतियोगिता में 30 सवालों के जवाब देने के लिए एक घंटे का समय दिया गया और इसमें ट्रैफिक के नियमों और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सवाल पूछे गए । विजेता टीमों को अब जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा । डॉ सुरेन्द्र कुमार आर्य कॉलेज, प्रो रिया मिगलानी आर्य आदर्श महिला महाविधालय समालखा, प्रो उषा वैश कॉलेज समालखा, डॉ अनीता तोमर जीडीआर कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन, प्रो शिल्पी सिंगला राजकीय महाविधालय मतलौडा और डॉ राकेश गर्ग ने जूरी की भूमिका निभाई ।  

विदित रहे कि क्विज प्रतियोगिता के इस अभियान की शुरुआत तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक शत्रुजीत कपूर आईपीएस की प्रेरणा से 2013 में शुरू हुई और आज यह अभियान रिकॉर्ड भागीदारी का अनूठा उदाहरण बन चुका है और इसे लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में भी स्थान मिला है । पुलिस विभाग के समस्त ऑफिसर और शिक्षा विभाग के सांझा प्रयासों से इस प्रतियोगिता के छठे आयोजन में रिकॉर्ड संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया है ।

डिप्टी पुलिस निरीक्षक सुरेश कुमार ने कहा कि दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ना चिंता की बात है । भारत भी इस समस्या से अछूता नहीं है और यहाँ भी बड़ी संख्या में लोग सड़क दुर्घटनाओं के कारण मृत्यु को प्राप्त हो जाते है । हरियाणा में भी हालात ज्यादा बेहतर नहीं है । किसी देश का जैसा युवा होगा वैसा ही वह राष्ट्र बनेगा और हर युवा आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शक होता है । नियमों पर चलना बहुत बड़ी बात है और इतिहास साक्षी है कि जिन देशों ने नियमों पर चलने की ठानी तो उनके तरक्की के रास्ते खुल गए । समय आ गया है कि युवा न सिर्फ खुद सड़क पर संभलकर चले बल्कि अपने दोस्तों और आस-पड़ोस में रहने वालों को भी ऐसा करने के लिए मजबूर करे । इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस ट्रैफिक एंड हाइवेज हरियाणा सरकार के प्रयासों और दूरदर्शिता की सराहना करते हुए उन्होनें कहा कि दुर्घटना के ग्राफ को कम करने की जिम्मेवारी अब युवाओं को पूरा करनी है । सरकार केवल कानून बना सकती है और दंड दे सकती है परन्तु धरातल पर कार्य तो युवाओं को ही करना होगा । इसी उद्देश्य से इस क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।

डॉ अनुपम अरोड़ा ने अपने सन्देश में कहा कि बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करने का गुण हर युवा में होना चाहिए । वाहनों की बढती संख्या ने सड़क सुरक्षा जैसे मुद्दे को प्रासंगिक बना दिया है । अब सड़क पर चलने वाले हर इंसान की जान को बचाना और संजोना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए । यातायात संबन्धित ज्यादातर समस्याएँ युवाओं से जुड़ी है । ऐसे में हर युवा का दावित्व है कि वह आने वाली पीढ़ियों को निराश न करे और सड़क सुरक्षा को मन से अपनाए और सड़क सुरक्षा के नियमों को पढ़े और समझे । मस्ती और जोश में आकर वाहनों को चलाना अकसर घातक सिद्ध होता है ।

डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि किसी भी पुलिस या ट्रेफिक अधिकारी को किसी का भी चालान काटने में कोई आनंद नहीं आता है । किन्तु जब अधिकारी लोगों को अपनी जान की परवाह न करते देखते है तो उन्हें ऐसा करने पर मजबूर होना पड़ता है । हेलमेट न पहनना, वाहनों को ओवरलोड करना, गलत दिशा में चलना, नशे में वाहन चलाना, तेज गति से वाहन दौड़ाना, ट्रेफिक सिग्नलस का पालन न करना, सीट बेल्ट न लगाना आदि से न सिर्फ हम खुद की जान को जोखिम में डालते है बल्कि ऐसा करके हम दूसरों के जीवन के साथ भी खिलवाड़ करते है । सड़क सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा है जिसको कॉलेज ने गंभीरता के साथ हर बार उठाया है और समाज को नई दिशा दिखाई है ।

इस अवसर पर दीपक मित्तल, चिराग सिंगला भी उपस्थित रहे ।

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