वनस्पति विज्ञान के विद्यार्थियों ने किया शैक्षणिक भ्रमण, पौधों और जैव-विविधता को करीब से समझा
प्रकृति के बीच विद्यार्थियों ने जाना पौधों का वैज्ञानिक महत्व, परागण और पारिस्थितिक संबंधों का किया अध्ययन
BOL PANIPAT , 7 अक्टूबर। देशबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से बीएससी प्रथम वर्ष (जीवन विज्ञान) के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक क्षेत्र भ्रमण का आयोजन किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण में 26 विद्यार्थियों ने भाग लिया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को वनस्पतियों एवं जैव-विविधता का प्रत्यक्ष एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना रहा।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने महाविद्यालय के बॉटनिकल गार्डन तथा आसपास के प्राकृतिक क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के पुष्पीय एवं सजावटी पौधों का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने गुड़हल, क्राउन ऑफ थॉन्र्स, हॉलीहॉक, खट्टी बूटी, चंपा, गुलमोहर, सदाबहार, गुलाब, कामिनी तथा बोगनवेलिया जैसी पुष्पीय प्रजातियों की पुष्पीय संरचना एवं रूपात्मक विशेषताओं का अध्ययन किया। इसके अलावा कोलियस, ड्रेसीना, मौलसिरी, साइकस एवं अराकेरिया जैसी सजावटी और छायादार वनस्पतियों की विशेषताओं को भी समझा।
विद्यार्थियों ने पौधों के साथ-साथ उनके आसपास पाए जाने वाले जीव-जंतुओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न रंग-बिरंगी तितलियों, मधुमक्खियों, कीट-पतंगों तथा स्थानीय पक्षियों को देखा और परागण सहित पौधों एवं जीव-जंतुओं के बीच पारिस्थितिक संबंधों को समझा। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रजातियों के वैज्ञानिक नाम एवं उनकी विशेषताओं को अपनी प्रायोगिक फाइल में दर्ज किया तथा उनके फोटोग्राफ भी लिए। ये फोटोग्राफ उनके प्रायोगिक अध्ययन एवं हर्बेरियम तैयार करने में उपयोगी होंगे।
विद्यार्थियों ने कक्षा से बाहर प्रकृति के बीच जाकर वनस्पतियों एवं जीव-जंतुओं को प्रत्यक्ष रूप से देखकर उत्साहपूर्वक अपने अनुभव सांझा किए। विभागाध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी ने कहा कि जीवन विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए वनस्पति एवं प्राणिजगत के सह-अस्तित्व तथा जैव-विविधता को प्रत्यक्ष रूप से समझना बेहद आवश्यक है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के किताबी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोडऩे के साथ-साथ उनमें पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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